SBI Life Insurance ने जून तिमाही में अपने मुनाफे में **22%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹720 करोड़** हो गया है, जिसका मुख्य कारण नए बिजनेस प्रीमियम में **36%** की जबरदस्त उछाल है। हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि लागत बढ़ने और टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव के कारण कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में थोड़ी नरमी आई है।
Detailed Coverage
मुनाफे में कैसे आई ₹720 करोड़ की उछाल?
SBI Life Insurance ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए ₹720 करोड़ का आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट (Profit After Tax) दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 22% अधिक है। इस दमदार प्रदर्शन के पीछे एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) में 36% की वृद्धि रही, जो ₹5,380 करोड़ तक पहुंच गया। APE एक महत्वपूर्ण पैमाना है जो नई पॉलिसियों के वैल्यू को मापता है।
प्रोटेक्शन सेगमेंट की धूम, प्रीमियम दोगुना
कंपनी की ग्रोथ में प्रोटेक्शन सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा। इस सेगमेंट में नए बिजनेस प्रीमियम दोगुने से भी ज्यादा होकर ₹1,960 करोड़ पर पहुंच गए। इसका मुख्य कारण ग्रुप प्रोटेक्शन प्रीमियम में आई 116% की भारी उछाल है। वहीं, नए बिजनेस के तहत कुल सम एश्योर्ड (Sum Assured) में 211% का इजाफा हुआ, जो ₹8,50,030 करोड़ रहा। इससे यह साफ है कि कंपनी ऊंची सम एश्योर्ड वाली पॉलिसियों को आकर्षित करने में सफल रही है। कुल ग्रॉस रिटन प्रीमियम (Gross Written Premium) में भी 20% की वृद्धि देखी गई, जो ₹21,290 करोड़ रहा।
मार्जिन पर दबाव, खर्चों में बढ़ोतरी
जहां एक ओर कंपनी का रेवेन्यू तेजी से बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर नए बिजनेस के प्रॉफिटेबिलिटी मार्जिन (Value of New Business - VoNB margin) में नरमी आई है। यह पिछले साल की समान तिमाही के 27.4% से घटकर 26.2% रह गया। कंपनी ने इसके पीछे प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव, ऑपरेटिंग एजंप्शन (Operating Assumptions) में फेरबदल और नए GST 2.0 टैक्स स्ट्रक्चर के असर को वजह बताया है। इसके अलावा, कंपनी के टोटल कॉस्ट रेशियो (Total Cost Ratio) में भी बढ़ोतरी हुई है, जो 10.8% से बढ़कर 12.0% हो गया है। ऑपरेटिंग एक्सपेंस रेशियो (Operating Expense Ratio) 7.7% तक पहुंच गया है। यह टेक्नोलॉजी पर बढ़ा हुआ खर्च और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार का संकेत देता है।
एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 10% का इजाफा
30 जून, 2026 तक, SBI Life के टोटल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 10% की ग्रोथ आई है, जो अब ₹5,24,850 करोड़ हो गया है। कंपनी का निवेश पोर्टफोलियो काफी मजबूत बना हुआ है, जिसमें 94% डेट पोर्टफोलियो AAA-रेटेड या सॉवरेन इंस्ट्रूमेंट्स में निवेशित है। प्राइवेट सेक्टर में SBI Life अपनी लीडरशिप पोजिशन बनाए हुए है, जिसका इंडिविजुअल न्यू बिजनेस प्रीमियम में 24.9% का मार्केट शेयर है।
चैनल मिक्स में विविधता और पॉलिसी रिटेंशन
कंपनी के चैनल मिक्स में भी विविधता आ रही है। जहां बैंकाश्योरेंस (Bancassurance) से APE का 47% योगदान रहा, वहीं 'अन्य चैनल' (जैसे कॉर्पोरेट एजेंट और ब्रोकर) 160% बढ़े। पॉलिसी रिटेंशन की बात करें तो 13वें और 49वें महीने की पर्सिस्टेंसी रेशियो (Persistency Ratios) में सुधार देखा गया है। हालांकि, 61वें महीने की पर्सिस्टेंसी रेशियो 63.6% से घटकर 58.4% रह गई। निवेशकों की नजरें अब इस पर रहेंगी कि क्या ऑपरेटिंग खर्चों में हुई यह बढ़ोतरी लंबी अवधि में कंपनी की एफिशिएंसी को बढ़ाएगी या नए टैक्स माहौल के बीच VoNB मार्जिन पर दबाव बना रहेगा।
