प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस की बहार! जून में प्रीमियम ग्रोथ में **29%** की जोरदार छलांग

INSURANCE
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस की बहार! जून में प्रीमियम ग्रोथ में **29%** की जोरदार छलांग

जून 2026 में प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए पिछले साल के मुकाबले प्रीमियम ग्रोथ में **29%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। नई पॉलिसियों की संख्या में **11%** का इजाफा इस ग्रोथ का मुख्य कारण रहा।

प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में जून 2026 में ज़बरदस्त रिकवरी देखने को मिली है। कंपनियों ने कुल एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट (Annualised Premium Equivalent) में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 29% का उछाल दर्ज किया है। यह मई में आई थोड़ी मंदी के बाद सेक्टर के लिए एक बड़ा सहारा है, जिससे पता चलता है कि फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के अंत तक लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ी है।

इस ग्रोथ का एक बड़ा कारण बिजनेस वॉल्यूम का बढ़ना रहा। जून में बेची गई नई पॉलिसियों की संख्या में 11% का इजाफा हुआ, जो मई में दर्ज 5% की ग्रोथ से काफी बेहतर है। इससे यह साफ होता है कि इंश्योरर्स सिर्फ बड़ी टिकट साइज वाली पॉलिसियों पर ही निर्भर नहीं हैं, बल्कि ज्यादा कस्टमर्स तक पहुंचकर नया बिजनेस जेनरेट करने में भी सफल हो रहे हैं।

प्रमुख इंश्योरर्स का प्रदर्शन

अलग-अलग कंपनियों के प्रदर्शन में भिन्नता देखी गई। Max Life Insurance ने 21% की ईयर-ऑन-ईयर प्रीमियम ग्रोथ के साथ लिस्ट में टॉप किया। SBI Life Insurance ने भी 18% की ग्रोथ दर्ज की, जो मई में सिर्फ 1% ग्रोथ के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। ICICI Prudential Life Insurance और HDFC Life Insurance ने भी क्रमशः 15% और 8% की ग्रोथ के साथ सेक्टर के प्रदर्शन में योगदान दिया।

Nomura Securities के एनालिसिस के मुताबिक, SBI Life का फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही का प्रदर्शन अप्रैल में हुई एक बड़ी ग्रुप रिन्यूएबल पॉलिसी सेल से काफी मजबूत हुआ। इस एक डील का कंपनी के कुल प्रीमियम ग्रोथ पर खास असर पड़ा।

रेगुलेटरी बदलावों का साया

प्रीमियम के इस अच्छे आंकड़े के बावजूद, इंश्योरेंस सेक्टर रेगुलेटरी अपडेट्स को लेकर सतर्क है। मार्केट रिपोर्ट्स का कहना है कि इंश्योरेंस रेगुलेटर जुलाई 2026 के अंत तक डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म्स (distribution reforms) पर एक ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट जारी कर सकता है। Nomura जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने यह भी बताया है कि ये आने वाले बदलाव इंडस्ट्री के मौजूदा बिजनेस मॉडल्स, खासकर कमीशन स्ट्रक्चर या डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रेटेजी पर निर्भर मॉडल्स पर दबाव डाल सकते हैं।

निवेशकों के लिए, सबसे पहले यह देखना होगा कि ड्राफ्ट जारी होने के बाद ये रेगुलेटरी रिफॉर्म्स किस तरह के होते हैं। इसके अलावा, प्राइवेट प्लेयर्स का बड़े, एकमुश्त ग्रुप डील्स पर निर्भर हुए बिना पॉलिसी वॉल्यूम की इस रफ्तार को बनाए रखना अगले कुछ क्वार्टर में एक अहम फैक्टर साबित होगा। प्रीमियम ग्रोथ की यह निरंतरता इस बात पर निर्भर करेगी कि पॉलिसी बिक्री में यह बढ़ोतरी कंज्यूमर डिमांड का एक लंबा ट्रेंड है या सिर्फ एक्टिविटी में एक अस्थायी उछाल।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.