प्रीमियम कलेक्शन में उछाल से शेयर रॉकेट
New India Assurance के शेयर 19.78% की शानदार तेजी के साथ ₹155.90 पर बंद हुए। यह उछाल कंपनी के 10.9% सालाना प्रीमियम कलेक्शन ग्रोथ के ऐलान के बाद आया, जिसने इंश्योरेंस इंडस्ट्री की 9.3% की ग्रोथ को भी पीछे छोड़ दिया। कंपनी ने अपना मार्केट शेयर भी 12.56% से बढ़ाकर 12.74% कर लिया है। इस दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम 65.65 लाख शेयर रहा, जो निवेशकों की गहरी दिलचस्पी दिखाता है।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय
कंपनी का प्राइस-टू-बुक (P/B) रेश्यो 0.91-0.92 के आसपास है, जो बुक वैल्यू से कम है। वहीं, पिछले बारह महीनों का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 17.2x-18.31x है, जो ICICI Lombard जैसे कुछ बड़े प्लेयर्स से कम है, लेकिन एशियन इंश्योरेंस इंडस्ट्री के औसत P/E 11.3x से ज्यादा है। तीन एनालिस्ट्स ने स्टॉक को 'Buy' रेटिंग दी है और उनका मीडियम 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹165 है, जबकि कुछ का टारगेट ₹193.33 तक जा सकता है।
मुनाफे में गिरावट और टैक्स का झटका
बाजार में तेजी के बावजूद, कुछ बड़ी चिंताएं बनी हुई हैं। कंपनी का मार्केट शेयर अभी भी बड़े प्लेयर्स की तुलना में कम है। हालिया तिमाही के नतीजे चिंताजनक रहे, जहां रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद Q2 FY26 में नेट प्रॉफिट 39.0% गिर गया। सबसे बड़ी चिंता इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ₹1,893.7 करोड़ के बड़े टैक्स असेसमेंट ऑर्डर को लेकर है। इसके अलावा, मेडिकल इन्फ्लेशन जैसी सेक्टर की समस्याएं भी भविष्य की ग्रोथ को धीमा कर सकती हैं।
आगे की राह
एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी में अभी भी 'Buy' की रेटिंग बनी हुई है, लेकिन हालिया प्रॉफिट में गिरावट और टैक्स का भारी बोझ इस पॉजिटिव आउटलुक को थोड़ा कम करता है। भविष्य में प्रति शेयर आय (EPS) में सालाना करीब 10% और रेवेन्यू ग्रोथ 7.6% रहने का अनुमान है। निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी Q2 FY26 के प्रॉफिट डिप और टैक्स असेसमेंट जैसे मुद्दों से कैसे निपटती है। औसतन ₹193.33 के टारगेट प्राइस से संकेत मिलता है कि इसमें और तेजी की गुंजाइश है, लेकिन टिकाऊ ग्रोथ के लिए बॉटम-लाइन में लगातार सुधार जरूरी होगा।