New India Assurance Share: ₹11,680 Cr GWP, ₹372 Cr Profit! कंपनी के नतीजे हुए जारी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
New India Assurance Share: ₹11,680 Cr GWP, ₹372 Cr Profit! कंपनी के नतीजे हुए जारी
Overview

New India Assurance ने **फाइनेंशियल ईयर 2025-26** की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी की **ग्रॉस रिटन प्रीमियम (GWP)** **8.37%** बढ़कर **₹11,680 करोड़** पर पहुंच गई, वहीं **प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT)** **5.37%** की बढ़ोतरी के साथ **₹372 करोड़** रहा।

नतीजों पर एक नज़र

New India Assurance (NIA) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीने की अवधि (9M FY26) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। Q3 FY26 में, ग्रॉस रिटन प्रीमियम (GWP) 8.37% की शानदार बढ़त के साथ ₹11,680 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, नौ महीनों में यह 10.47% बढ़कर ₹35,555 करोड़ पर पहुंच गया।

प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) की बात करें तो, Q3 FY26 में इसमें 5.37% की ईयर-ऑन-ईयर (YoY) बढ़त देखी गई और यह ₹372 करोड़ रहा। नौ महीनों के दौरान, PAT में 28.70% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹826 करोड़ दर्ज किया गया।

कंबाइंड रेशियो और प्रोविजन्स का असर

हालांकि, कंपनी के कंबाइंड रेशियो में कुछ नरमी दिखी है। Q3 FY26 में यह 117.98% रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 116.28% से थोड़ा ज़्यादा है। नौ महीनों के लिए भी यह 124.01% रहा, जो पिछले साल के 118.70% के मुकाबले बढ़ा हुआ है।

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह वेतन बकाया (wage arrears) और रिटायरमेंट बेनिफिट्स के लिए किए गए बड़े प्रोविजन्स (provisions) हैं। Q3 FY26 में कंपनी ने ₹759 करोड़ का प्रोविजन किया, और नौ महीनों में यह कुल ₹1,877 करोड़ रहा। ये एक बार के खर्च माने जा रहे हैं।

निवेश आय बनी सहारा

लेकिन, कंपनी की निवेश आय (investment income) में हुई ज़बरदस्त बढ़त ने इन प्रोविजन्स के असर को काफी हद तक संभाला। Q3 FY26 में निवेश आय 32.2% बढ़कर ₹2,280 करोड़ रही, और नौ महीनों में यह 51% बढ़कर ₹8,599 करोड़ दर्ज की गई।

मार्केट शेयर और ग्रोथ

अच्छी खबर यह है कि New India Assurance ने अपने मार्केट शेयर में भी बढ़ोतरी की है। कंपनी का घरेलू बाजार में बिज़नेस 13.71% बढ़ा है, जो कि ओवरऑल जनरल इंश्योरेंस इंडस्ट्री के 8.69% ग्रोथ से कहीं ज़्यादा है। इसके चलते कंपनी का मार्केट शेयर बढ़कर 13.40% हो गया है।

नेट वर्थ और ROE

कंपनी का नेट वर्थ (Net Worth) सुधरकर ₹22,630 करोड़ पर पहुंच गया है, और Q3 FY26 के लिए रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 4.95% रहा।

आगे क्या?

बावजूद इसके कि कंबाइंड रेशियो बढ़ा है, कंपनी का मैनेजमेंट चौथी तिमाही (Q4 FY26) को लेकर काफी आशावादी है। उन्हें उम्मीद है कि लॉस रेशियो (loss ratio) में सुधार होगा और ग्रोथ बनी रहेगी। कंपनी नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने, पैरामीट्रिक इंश्योरेंस जैसे नए क्षेत्रों में उतरने और मोटरहेल्थ के अलावा अन्य सेगमेंट्स पर फोकस करने की योजना बना रही है।

कंपनी का सॉल्वेंसी रेशियो (solvency ratio) भी रेगुलेटरी थ्रेशोल्ड से काफी ऊपर है, जो एक मजबूत संकेत है। निवेशकों की नज़रें अब Q4 के नतीजों और मैनेजमेंट के दावों पर टिकी होंगी।

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