क्यों NRI भारत से खरीद रहे हैं टर्म इंश्योरेंस?
वैश्विक अनिश्चितताओं और खास तौर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते, भारत से टर्म इंश्योरेंस (Term Insurance) की मांग दोगुनी हो गई है। मार्च महीने में तो ऐसी पॉलिसियों की खरीद में 35% का मासिक उछाल देखा गया, जो साफ दिखाता है कि NRI अब अपने परिवार की वित्तीय सुरक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं।
लागत का बड़ा फायदा
इस बढ़ती मांग का एक बड़ा कारण भारत में इंश्योरेंस की कम लागत है। UAE या संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) जैसे देशों की तुलना में, भारत में टर्म इंश्योरेंस के प्रीमियम 20% से लेकर 60% तक कम हैं। इस वजह से NRI ₹3 करोड़ से ₹5 करोड़ तक की ज्यादा कवरेज वाली पॉलिसियां आसानी से खरीद पा रहे हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म का बढ़ता इस्तेमाल
भारतीय इंश्योरेंस कंपनियों ने अपनी डिजिटल सेवाओं को भी मजबूत किया है। ₹5 करोड़ तक की पॉलिसियों के लिए रिमोट वीडियो मेडिकल जांच (Remote Video Medical Exams) की सुविधा ने भौगोलिक बाधाओं को दूर कर दिया है, जिससे कहीं से भी पॉलिसी खरीदना आसान हो गया है।
सुरक्षित भविष्य के लिए खास प्लान
NRI ग्राहक अब 80% तक प्योर टर्म प्लान (Pure Term Plans) चुन रहे हैं, जो सिर्फ सुरक्षा पर केंद्रित होते हैं, न कि रिटर्न पर। वहीं, 85-90% खरीदार लिमिटेड पे स्ट्रक्चर (Limited Pay Structures) पसंद कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि वे एकमुश्त भुगतान कर लंबे समय की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
वैल्यूएशन और भविष्य की चिंताएं
हालांकि, भारत के लिस्टेड इंश्योरेंस कंपनियों का वैल्यूएशन 60x से 77x के P/E मल्टीपल पर है, जो यह बताता है कि भविष्य की ग्रोथ पहले से ही कीमतों में शामिल है। भू-राजनीतिक तनाव का कम होना, करेंसी में उतार-चढ़ाव और साइबर सुरक्षा जैसे जोखिम भी इस सेक्टर के लिए चिंता का विषय हैं।
आगे का रास्ता
इसके बावजूद, भारत का इंश्योरेंस मार्केट NRIs के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बना रहेगा। सस्ती प्रीमियम दरें, मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म और वैश्विक अनिश्चितता का माहौल इस ट्रेंड को बनाए रखने की उम्मीद है। भारतीय इंश्योरेंस कंपनियाँ खासकर युवा NRIs की मदद से ग्लोबल मार्केट में अपनी जगह और मजबूत करेंगी।
