ManipalCigna की शानदार ग्रोथ! रिटेल सेगमेंट में **46%** की उछाल, अब छोटे शहरों पर फोकस

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ManipalCigna की शानदार ग्रोथ! रिटेल सेगमेंट में **46%** की उछाल, अब छोटे शहरों पर फोकस

ManipalCigna Health Insurance ने पहली तिमाही में कुल **30%** की ग्रोथ दर्ज की है। यह शानदार प्रदर्शन रिटेल सेगमेंट में आई **46%** की ज़बरदस्त बढ़त के दम पर हुआ है। अब कंपनी छोटे शहरों में अपने रिटेल कारोबार को बढ़ाने और SME एम्प्लॉई-एम्प्लॉई पॉलिसियों को टारगेट करने की योजना बना रही है।

Detailed Coverage

छोटे शहरों में विस्तार की तैयारी

ManipalCigna Health Insurance अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी में बदलाव करते हुए अब स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (SMEs) और भारत के छोटे शहरों पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी ने पहली तिमाही के नतीजों में बताया कि उनके SME बिजनेस में 70% की बढ़ोतरी हुई, जिससे ओवरऑल एम्प्लॉई-एम्प्लॉई सेगमेंट में 22% का इजाफा हुआ।

रिटेल पर बड़ा दांव

भविष्य की ग्रोथ के लिए कंपनी रिटेल हेल्थ इंश्योरेंस पर बड़ा दांव लगा रही है। पहली तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक, रिटेल बिजनेस में करीब 46% की ग्रोथ देखी गई, जो दूसरे सेगमेंट्स से कहीं ज़्यादा है और यही ग्रोथ का मुख्य इंजन बना। इस विस्तार का एक बड़ा हिस्सा टियर 2 और टियर 3 शहरों से आ रहा है, जो अब कंपनी की 60% से ज़्यादा नई रिटेल इंश्योरेंस पॉलिसियों का हिस्सा हैं।

पहले कंपनी का रिटेल और ग्रुप इंश्योरेंस बिजनेस लगभग बराबर बंटा हुआ था। मैनेजमेंट का इरादा इस संतुलन को बदलने का है, और अगले दो से तीन सालों में रिटेल बिजनेस के हिस्से को बढ़ाने का लक्ष्य है। यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि रिटेल इंश्योरेंस में रिस्क और मार्जिन प्रोफाइल बड़े ग्रुप एम्प्लॉयर-एम्प्लॉई कॉन्ट्रैक्ट्स से अलग होता है।

ग्लोबल एक्सपर्टाइज का इस्तेमाल

इस ग्रोथ को सपोर्ट देने के लिए, इंश्योरर अपने अमेरिकी पार्टनर Cigna के ग्लोबल अनुभव का लाभ उठा रहा है। CEO जॉयदीप साहा के अनुसार, यह पार्टनरशिप प्रोडक्ट डिजाइन और प्राइसिंग में एडवांस्ड एक्चुअरियल साइंस और एनालिटिक्स को लागू करने में मदद करती है। इन ग्लोबल प्रैक्टिसेस का इस्तेमाल करके, कंपनी शॉर्ट-टर्म के आक्रामक टारगेट्स के बजाय लॉन्ग-टर्म रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान देना चाहती है, जिससे अंडरराइटिंग हेल्थ को नुकसान न पहुंचे।

हालांकि कंपनी ने लगातार दो पीरियड्स में 30% से ज़्यादा की मजबूत ग्रोथ देखी है, लेकिन भारत का इंश्योरेंस सेक्टर काफी कॉम्पिटिटिव बना हुआ है। इन ग्रोथ रेट्स को बनाए रखने की क्षमता इस बात पर निर्भर करेगी कि इंश्योरर नए, छोटे बाजारों में क्लेम रेश्यो को कितनी अच्छी तरह मैनेज कर पाता है और बड़े पब्लिक सेक्टर इंश्योरर्स व स्थापित प्राइवेट प्लेयर्स के मुकाबले कितना कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग कर पाता है। निवेशकों की नज़र कंपनी की ग्रोथ मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता और आने वाली तिमाही अपडेट्स में रिटेल सेगमेंट की ओर बिजनेस मिक्स के प्रोग्रेस पर रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.