LIC के मुनाफे में बंपर उछाल, AUM ने बनाया नया रिकॉर्ड!
सरकारी बीमा कंपनी LIC ने 31 दिसंबर, 2025 को खत्म हुई 9 महीनों की अवधि (9M FY26) में दमदार परफॉर्मेंस का प्रदर्शन किया है. कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 16.68% की शानदार बढ़ोतरी के साथ ₹33,998 करोड़ पर जा पहुंचा है. इस शानदार मुनाफे का मुख्य श्रेय कुल प्रीमियम इनकम में 9.02% की मजबूत बढ़त को जाता है, जो ₹3,71,293 करोड़ तक पहुंच गई.
LIC ने अपने अलग-अलग बिज़नेस सेगमेंट में भी जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है. इंडिविजुअल न्यू बिज़नेस प्रीमियम में 6.75% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,91,050 करोड़ का आंकड़ा छुआ, जबकि इंडिविजुअल रिन्यूअल प्रीमियम 13.56% बढ़कर ₹1,35,302 करोड़ पर पहुंच गया. टोटल ग्रुप बिज़नेस प्रीमियम में भी 5.89% की ग्रोथ देखी गई, जो ₹44,941 करोड़ रहा.
मुनाफे के प्रमुख पैमानों में भी सुधार देखने को मिला है. एनुअललाइज़्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) 15.88% बढ़कर ₹44,007 करोड़ रहा. सबसे खास बात यह है कि वैल्यू ऑफ न्यू बिज़नेस (VNB) में 27.96% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹8,288 करोड़ रहा. इससे नेट VNB मार्जिन भी सुधरकर 18.8% हो गया, जो पिछले साल 17.1% था. कंपनी की सॉल्वेंसी रेश्यो भी 2.19 पर पहुंच गई, जो पहले 2.02 थी. वहीं, एक्सपेंस रेश्यो भी घटकर 11.65% हो गया, जो पिछले साल 12.97% था.
कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी 8.01% की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर ₹59,16,680 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई. कंपनी के बैलेंस शीट में भी इस ग्रोथ की झलक दिखती है, कुल एसेट्स ₹60,05,468 करोड़ रहे, और शेयरहोल्डर्स फंड बढ़कर ₹1,54,907 करोड़ हो गया.
हालांकि, कुछ मोर्चों पर LIC को थोड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. प्रीमियम इनकम के मामले में कंपनी की मार्केट शेयर थोड़ी कम होकर 57.07% रह गई है, जो पिछले साल 57.42% थी. इसी तरह, पॉलिसीज़ के मामले में भी मार्केट शेयर में मामूली गिरावट आई है, जो 63.13% पर आ गई है. निवेश पर मिलने वाले रिटर्न (Yield on Investment) में भी हल्की कमी देखी गई है.
आगे की राह और चुनौतियाँ
LIC मैनेजमेंट ने अपनी भविष्य की ग्रोथ स्ट्रैटेजीज़ का भी खुलासा किया है. कंपनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर जोर दे रही है, नॉन-पार्टिसिपेटिंग (Non-Par) प्रोडक्ट्स पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, और बैनकएश्योरेंस व अन्य अल्टरनेट चैनल्स के ज़रिए अपना डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बढ़ा रही है. एजेंसी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स भी कंपनी की प्राथमिकताओं में से एक हैं. इन रणनीतियों के दम पर LIC अपनी मार्केट शेयर को फिर से बढ़ाने और मजबूत करने की कोशिश करेगी.
हालांकि, बाजार की नजरें इस बात पर टिकी रहेंगी कि LIC किस तरह अपनी मार्केट शेयर में आई मामूली गिरावट को रोक पाती है और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपने निवेश रिटर्न को बेहतर बनाए रखती है. नए प्रोडक्ट्स जैसे LIC का 'जीवन उत्सव सिंगल प्रीमियम' लॉन्च करना और कुछ पुराने प्रोडक्ट्स को बंद करना, प्रोडक्ट लाइफसाइकिल मैनेजमेंट का हिस्सा है. कुल मिलाकर, LIC के नतीजे उम्मीदों से बेहतर रहे हैं, लेकिन भविष्य की चुनौतियाँ भी साफ दिख रही हैं.
