LIC के तिमाही नतीजों में बड़ा उछाल, रियल एस्टेट पर बढ़ाया फोकस
LIC के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी ने दिसंबर 2025 को खत्म हुई तीसरी तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट में 17.2% का शानदार उछाल दर्ज किया है, जो ₹12,958 करोड़ रहा। इस दमदार परफॉर्मेंस के बीच, LIC अब अपने रियल एस्टेट पोर्टफोलियो, जिसकी वैल्यू ₹45,000 करोड़ से अधिक है, को और बेहतर बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। यह वैल्यूएशन, बुक वैल्यू ₹16,000 करोड़ से काफी ज्यादा है। कंपनी का लक्ष्य रियल एस्टेट से मिलने वाले रिटर्न को सामान्य 3-4% से ऊपर ले जाना है।
रियल एस्टेट से ज्यादा कमाई की तैयारी
LIC अपने प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो की पूरी तरह से समीक्षा कर रही है, ताकि इससे होने वाली आय को बढ़ाया जा सके, न कि तुरंत संपत्तियां बेची जाएं। कंपनी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) जैसे नए मॉडल पर भी विचार कर सकती है। यह सरकार की उस पहल के अनुरूप है, जिसमें सरकारी कंपनियों की संपत्तियों को नए तरीकों से मोनेटाइज किया जाना है। भारतीय REIT मार्केट, जो लगभग ₹1.6 लाख करोड़ का है, 2019 से लगातार बढ़ रहा है [17, 19, 26, 37]। इस रियल एस्टेट पोर्टफोलियो के बेहतर मैनेजमेंट से LIC अपने प्रॉपर्टी होल्डिंग्स से बड़ा वैल्यू अनलॉक कर सकती है [15, 29, 34]।
हेल्थ इंश्योरेंस प्लान पर लगा ब्रेक
रियल एस्टेट पर फोकस बढ़ाने के साथ ही, LIC ने एक स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी में स्टेक (Stake) खरीदने के अपने पहले के प्लान को भी फिलहाल टाल दिया है। MD & CEO आर. दोराईस्वामी ने कहा कि यह अभी कोई जरूरी कदम नहीं है और मौका मिलने पर इस पर फिर से विचार किया जाएगा। इस फैसले से LIC अपना ध्यान अपने मुख्य इंश्योरेंस बिजनेस और रियल एस्टेट एसेट्स पर लगा पाएगी। भारतीय इंश्योरेंस सेक्टर में 2025 से 2029 के बीच हर साल औसतन 6.9% की ग्रोथ का अनुमान है [27]।
शानदार वित्तीय प्रदर्शन और वैल्यूएशन
तिमाही के नतीजों में, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 16.7% बढ़कर ₹12,897 करोड़ हो गया। LIC का नेट प्रीमियम इनकम भी 17.5% बढ़कर ₹1,25,613 करोड़ पर पहुंच गया। LIC का मार्केट शेयर नए बिजनेस प्रीमियम में 66.2% से ऊपर बना हुआ है, और कंपनी का मार्केट कैप फरवरी 2026 की शुरुआत में लगभग ₹5.32 लाख करोड़ था [2, 3, 11]।
हालांकि, LIC का P/E ratio (प्राइस-टू-अर्निंग्स रेशियो) अपने प्राइवेट सेक्टर के कॉम्पिटिटर्स जैसे SBI Life (P/E ~81.9) और HDFC Life (P/E ~82.2) की तुलना में काफी कम, 10.0 से 11.31 के आसपास है [2, 5, 6, 41]। इसके विपरीत, LIC का ROE (रिटर्न ऑन इक्विटी) लगभग 45.7% है, जो कई कॉम्पिटिटर्स से काफी ज्यादा है [2, 11, 41]। यह वैल्यूएशन डिस्क्रिपेंसी (valuation discrepancy) बताती है कि अगर रियल एस्टेट से वैल्यू अनलॉक करने की स्ट्रैटेजी सफल होती है, तो स्टॉक में अच्छी तेजी आ सकती है। एनालिस्ट्स का भी इस पर पॉजिटिव आउटलुक है और टारगेट प्राइस लगभग ₹1,130 के आसपास है [14, 20, 33]।
