LIC का मुनाफा 23% बढ़ा, ₹13,492 करोड़ दर्ज, मैनेजमेंट ने जताई चिंता

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AuthorAditya Rao|Published at:
LIC का मुनाफा 23% बढ़ा, ₹13,492 करोड़ दर्ज, मैनेजमेंट ने जताई चिंता

LIC ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए **₹13,492 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में **22.8%** ज़्यादा है। कंपनी के नए बिजनेस की वैल्यू में **61.3%** का उछाल देखने को मिला, लेकिन मैनेजमेंट ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को लेकर चेतावनी दी है।

LIC के तिमाही नतीजे

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 22.8% बढ़कर ₹13,492 करोड़ पर पहुंच गया है। इस दौरान कंपनी का कुल प्रीमियम इनकम भी 6.8% बढ़कर ₹1,27,250 करोड़ रहा।

मैनेजमेंट की चिंताएं

इन शानदार नतीजों के बावजूद, LIC के मैनेजमेंट ने वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अस्थिरता के देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई है। LIC के चेयरमैन आर. दोराईस्वामी ने कहा है कि आर्थिक दबाव के चलते कुछ पॉलिसी होल्डर्स अपनी पॉलिसी के रिन्यूअल प्रीमियम के भुगतान में देरी कर सकते हैं।

नए बिजनेस में जोरदार ग्रोथ

जहां एक ओर मैनेजमेंट भविष्य को लेकर सतर्क है, वहीं दूसरी ओर कंपनी ने नए बिजनेस की वैल्यू में 61.3% का जोरदार उछाल दर्ज किया है, जो ₹3,136 करोड़ तक पहुंच गया। इस दौरान कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में भी सुधार हुआ और यह 22.9% हो गया। इंश्योरेंस कंपनी के लिए लगातार प्रीमियम का भुगतान मिलना कैश फ्लो को बनाए रखने के लिए बेहद ज़रूरी है।

पॉलिसी परसिस्टेंसी (Policy Persistency) के मिले-जुले संकेत

30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए पॉलिसी परसिस्टेंसी के आंकड़े मिले-जुले रहे। पॉलिसी नंबर के आधार पर, 13वें महीने की परसिस्टेंसी रेशियो पिछले साल के 64.4% से बढ़कर 66.5% हो गई। हालांकि, 61वें महीने की परसिस्टेंसी रेशियो पिछले साल के 51.1% से घटकर 48.7% पर आ गई। मैनेजमेंट का मानना है कि कम वैल्यू वाली पॉलिसीज में यह गिरावट ज़्यादा देखी गई है, जो इशारा करता है कि महंगाई और आर्थिक दबाव शायद छोटे पॉलिसी होल्डर्स की खर्च करने की क्षमता को ज़्यादा प्रभावित कर रहा है।

हालिया स्टेक सेल और भविष्य की राह

ये नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब हाल ही में भारत सरकार ने LIC में अपनी हिस्सेदारी कम करने के लिए एक ऑफर फॉर सेल (OFS) लॉन्च किया था। इस OFS का फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर रखा गया था। कंपनी के शेयर की कीमत पर हाल के उतार-चढ़ाव के पीछे हालिया शेयर बिक्री और मैनेजमेंट का आर्थिक माहौल को लेकर सतर्क रुख, दोनों ही वजहें हो सकती हैं।

आगे चलकर, निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी इस अस्थिर आर्थिक माहौल में रिन्यूअल रेट्स को कैसे मैनेज करती है। मैनेजमेंट कस्टमर आउटरीच प्रोग्राम्स के जरिए पॉलिसी को फिर से चालू कराने की कोशिश कर रहा है। अगले कुछ क्वार्टर पर नजर रखना अहम होगा कि क्या ये प्रयास परसिस्टेंसी रेशियो को स्थिर करने में कामयाब होते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.