मुनाफे का राज: स्ट्रैटेजिक 'नॉन-पार्ट' प्रोडक्ट पर ज़ोर
LIC के लिए यह तिमाही नतीजों के लिहाज से बेहद शानदार रही। साल 2026 के तीसरे फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही में LIC ने ₹12,930 करोड़ का समेकित नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹11,008 करोड़ की तुलना में 17% ज़्यादा है। कंपनी की नेट प्रीमियम इनकम (Net Premium Income) में भी 17% का उछाल देखा गया और यह ₹1.26 लाख करोड़ पर पहुंच गई। पिछले तिमाही (Q2 FY26) की तुलना में नेट प्रॉफिट में 28% की जोरदार बढ़त देखने को मिली है।
इस मुनाफे की सबसे बड़ी वजह कंपनी की अपनी स्ट्रैटेजी को बदलना और ज़्यादा मार्जिन वाले 'नॉन-पार्टिसिपेटिंग' (Non-Par) प्रोडक्ट्स पर फोकस करना है। इन प्रोडक्ट्स से आने वाले एनुअललाइज्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) में 47.44% का भारी इजाफा हुआ है, जो कि ₹10,045 करोड़ पर पहुंच गया है (9 महीने के अंत तक)। इस स्ट्रैटेजिक बदलाव का सीधा असर वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) पर भी दिखा, जो 9 महीनों में 27.96% बढ़कर ₹8,288 करोड़ हो गया। इसके चलते नेट VNB मार्जिन 170 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 18.8% पर पहुंच गया।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार
सिर्फ प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी ही नहीं, LIC ने अपने ऑपरेशनल खर्चों को भी कंट्रोल में रखा है। पिछले 9 महीनों में ओवरऑल एक्सपेंस रेश्यो (Expense Ratio) 132 बेसिस पॉइंट्स घटकर 11.65% पर आ गया है। वहीं, कंपनी का सॉल्वेंसी रेश्यो (Solvency Ratio) भी 2.02 से बढ़कर 2.19 हो गया है, जो एक मज़बूत फाइनेंशियल पोजीशन दिखाता है। दिसंबर 2025 के अंत तक, LIC के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी 8.01% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹59.17 लाख करोड़ के आंकड़े तक पहुंच गया।
सेक्टर में LIC की पोजीशन और भविष्य
LIC, जिसका मार्केट कैप फरवरी 2026 की शुरुआत में करीब ₹5.26 से ₹5.31 लाख करोड़ के आसपास है, अपने 52-वीक रेंज ₹715.30 से ₹980.00 के बीच कारोबार कर रहा है। इसका ट्रेलिंग P/E रेश्यो 10.3 से 11.95 के बीच है, जो इंडस्ट्री एवरेज के मुकाबले काफी कॉम्पिटिटिव लग रहा है।
LIC के मुकाबले, अन्य बड़ी बीमा कंपनियों के नतीजे भी सामने आए हैं। ICICI Prudential Life का PAT 19% बढ़कर ₹390 करोड़ रहा, जबकि SBI Life का नेट प्रॉफिट 21.82% बढ़कर ₹576.74 करोड़ हुआ। HDFC Life का PAT थोड़ा फ्लैट रहा।
हालांकि, ब्रोकरेज हाउसेस LIC के नतीजों को लेकर काफी पॉजिटिव दिख रहे हैं। कई एनालिस्ट्स ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए ₹1,091 से ₹1,130 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तरों से 30-35% तक का अपसाइड दिखा रहा है।
भारत का बीमा बाज़ार आने वाले सालों में तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। स्विस रे (Swiss Re) के अनुमान के मुताबिक, 2026 से 2030 के बीच यह बाज़ार 6.9% की सालाना दर से बढ़ सकता है। ऐसे में LIC की स्ट्रैटेजिक पोजीशन और बेहतर नतीजों से निवेशकों को भविष्य में अच्छे रिटर्न की उम्मीद है।
