LIC के तिमाही नतीजे दमदार! शेयर रॉकेट हुआ, ब्रोकरेज बोले- अभी और तेजी आएगी!

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AuthorNeha Patil|Published at:
LIC के तिमाही नतीजे दमदार! शेयर रॉकेट हुआ, ब्रोकरेज बोले- अभी और तेजी आएगी!
Overview

लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के तिमाही नतीजों ने शेयर बाजार में धूम मचा दी है। कंपनी ने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में **16%** की एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) ग्रोथ और **28%** की वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) ग्रोथ दर्ज की है। इन शानदार नतीजों के दम पर LIC के शेयर में शुक्रवार को **7.26%** का जोरदार उछाल देखा गया, जो **₹901.50** के स्तर पर बंद हुआ।

मुनाफे की कहानी: प्रोडक्ट मिक्स का कमाल!

LIC के नतीजों को गहराई से देखें तो पता चलता है कि कंपनी ने अपनी स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव किया है। ज्यादा मार्जिन वाले नॉन-पार्टिसिपेटिंग (नॉन-पार) प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाने का सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर दिख रहा है। इस वजह से LIC का VNB मार्जिन Q3 FY26 में 170 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 21.2% हो गया है। नॉन-पार APE का कुल APE में हिस्सा बढ़कर 25.5% पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में 20.5% था। खासकर, ULIPs में 102.6% और इंडिविजुअल सेविंग्स सेगमेंट में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है। यह रणनीति LIC को अपने प्रतिस्पर्धियों जैसे HDFC Life (जिसकी APE ग्रोथ 18% थी) और ICICI Prudential Life (जिसकी APE ग्रोथ 15% थी) से अलग करती है, जिन्होंने विभिन्न प्रोडक्ट कैटेगरी में अधिक संतुलित ग्रोथ दिखाई है। अनुकूल यील्ड कर्व (yield curve) ने भी VNB मार्जिन बढ़ाने में मदद की, हालांकि इस पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) का लगभग 2.8% का निगेटिव असर पड़ा।

बढ़ते खर्च और चिंताएं: एक तरफा जीत नहीं

मार्जिन में शानदार बढ़ोतरी के बावजूद, LIC को बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों का सामना करना पड़ रहा है। Q3 FY26 में कंपनी का ऑपरेशनल एक्सपेंस 13% बढ़कर ₹9,570 करोड़ पर पहुंच गया, जिससे खर्च का अनुपात (expense ratio) तिमाही में 110 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 12.4% हो गया। यह एक चिंता का विषय है, हालांकि पिछले नौ महीनों का क्युमुलेटिव एक्सपेंस रेश्यो 132 बेसिस पॉइंट्स घटा है। इसके साथ ही, कंपनी का एन्युइटी (annuity) बिज़नेस 7.5% गिर गया, जो कि प्रतिस्पर्धियों की तुलना में चिंताजनक है। कंपनी का सॉल्वेंसी रेशियो हालांकि सुधरकर 219% हो गया है, जो पिछले साल की 202% की तुलना में काफी बेहतर है। LIC का मार्केट कैप लगभग ₹5.6 लाख करोड़ है और इसका P/E रेश्यो करीब 35x है, जो कुछ प्रतिस्पर्धियों HDFC Life (P/E ~60x) से सस्ता है।

एनालिस्ट्स की राय और भविष्य की राह

LIC के नतीजों पर एनालिस्ट्स का मिला-जुला लेकिन ज्यादातर सकारात्मक रुख है। ब्लूमबर्ग के सर्वे के अनुसार, 19 में से 16 एनालिस्ट्स इस शेयर पर बुलिश हैं और उन्होंने औसत टारगेट प्राइस ₹1,101.26 का दिया है, जो मौजूदा भाव से 20% से अधिक की तेजी का संकेत देता है। कुछ ब्रोकरेज फर्म्स, जैसे Motilal Oswal, ने इसे 'Buy' रेटिंग देकर ₹1,200 का टारगेट दिया है। हालांकि, Jefferies जैसी फर्म्स 'Hold' रेटिंग के साथ ₹1,050 का टारगेट दे रही हैं, जो वैल्यूएशन को लेकर थोड़ी चिंताएं जाहिर करती हैं। प्रबंधन का मानना है कि अगले पांच सालों में भारतीय लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में 10-12% की सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। LIC भविष्य में प्रीमियम ग्रोथ को इंडस्ट्री के साथ अलाइन करने, बड़े टिकट साइज और संभावित GST फायदों पर भरोसा जता रही है। कंपनी कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन और हेल्थ इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में अधिग्रहण पर भी विचार कर रही है, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा से मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही।

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