LIC के जलवे! जुलाई में लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम में **21%** की बंपर बढ़ोतरी

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AuthorNeha Patil|Published at:
LIC के जलवे! जुलाई में लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम में **21%** की बंपर बढ़ोतरी

सरकारी दिग्गज LIC के नेतृत्व में, जुलाई 2026 में लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के नए बिजनेस प्रीमियम में **20.7%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुल प्रीमियम **₹47,005 करोड़** तक पहुंच गया, हालांकि यह वृद्धि रिटेल वॉल्यूम के बजाय बड़े ग्रुप बिज़नेस से आई है।

कैसे बढ़ा प्रीमियम?

भारतीय लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर ने जुलाई 2026 में ज़बरदस्त ग्रोथ दिखाई है। सभी कंपनियों के नए बिजनेस प्रीमियम में पिछले साल के मुकाबले 20.7% का उछाल आया, जिससे कुल कलेक्शन ₹47,005 करोड़ पर पहुंच गया। इस ग्रोथ का बड़ा श्रेय सरकारी कंपनी Life Insurance Corporation of India (LIC) को जाता है। IRDAI के आंकड़ों के अनुसार, LIC के फर्स्ट-ईयर प्रीमियम में 23.8% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹27,993 करोड़ रहा। वहीं, प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों ने भी 16.3% की ग्रोथ के साथ ₹19,011 करोड़ का प्रीमियम इकट्ठा किया।

असली वजह क्या है?

अगर गहराई से देखें तो यह प्रीमियम ग्रोथ बड़े ग्रुप सिंगल प्रीमियम कलेक्शन्स की वजह से बढ़ी है, जो 30.9% बढ़कर ₹27,857 करोड़ हो गया। दूसरी ओर, रिटेल ग्राहकों के लिए जारी की गई व्यक्तिगत पॉलिसियों की संख्या में सिर्फ 0.9% की मामूली बढ़ोतरी हुई, जो कुल 22.98 लाख रही। निवेशकों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि रिटेल वॉल्यूम में धीमी ग्रोथ, जो कि लगातार और अनुमानित आय का स्रोत होती है, भविष्य में कंपनी के मुनाफे की स्थिरता के लिए एक अहम फैक्टर रहेगी।

LIC के शेयर पर असर

LIC के शेयरधारकों के लिए हाल के हफ्ते काफी महत्वपूर्ण रहे हैं। सरकार ने अगस्त 2026 की शुरुआत में LIC में अपनी 6.5% हिस्सेदारी ₹31,500 करोड़ में बेची थी। बड़े पैमाने पर शेयर बिक्री के बाद अक्सर स्टॉक की कीमतों में एडजस्टमेंट देखने को मिलता है। इसके अलावा, 13 अगस्त 2026 तक, एक्सचेंज ने LIC के शेयरों को F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) ट्रेडिंग बैन में डाल दिया है। ऐसा मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट के उल्लंघन के कारण हुआ है। यह बैन डेरिवेटिव सेगमेंट में नई पोजीशन लेने से रोकता है, जिससे स्टॉक की लिक्विडिटी पर असर पड़ सकता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे हालिया हिस्सेदारी बिक्री के बाद स्टॉक के मूवमेंट पर नज़र रखें और देखें कि कंपनी रिटेल ग्रोथ को कैसे बढ़ाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.