वैल्यूएशन का अंतर और शेयर का प्रदर्शन
LIC का शेयर पब्लिक होने के बाद से अपने शुरुआती लिस्टिंग प्राइस (IPO Price Band ₹902-949) से नीचे चल रहा है। कंपनी का बोर्ड 13 अप्रैल, 2026 को अपने पहले बोनस शेयर इश्यू पर विचार करेगा। यह कदम आमतौर पर मजबूत वित्तीय स्थिति और भविष्य के ग्रोथ पर भरोसे का संकेत देता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को शेयर ₹799.65 पर बंद हुआ। पिछले हफ्ते शेयर में 10% की तेजी देखी गई थी, लेकिन 2026 में अब तक यह करीब 6% नीचे है। ऐसा लगता है कि निवेशक केवल बोनस शेयर की संभावना के बजाय फंडामेंटल वैल्यूएशन और IPO प्राइस को पार करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
शेयरधारिता का ढांचा और फ्री फ्लोट की कमी
LIC के स्टॉक पर इसकी शेयरधारिता (Ownership Structure) का गहरा असर है। भारतीय सरकार के पास अभी भी 96.5% की भारी हिस्सेदारी है, जिससे पब्लिक ट्रेडिंग के लिए केवल 3.5% शेयर उपलब्ध हैं। इस केंद्रित स्वामित्व के कारण बाजार में शेयरों की उपलब्धता (Free Float) सीमित है, जो बोनस शेयर जारी होने पर लिक्विडिटी (Liquidity) को प्रभावित कर सकता है। दिसंबर तिमाही तक LIC के पास करीब 21 लाख रिटेल शेयरहोल्डर थे, जिनकी हिस्सेदारी 1.5% थी। लेकिन, इस सीमित फ्री फ्लोट का मतलब है कि बोनस शेयर से ट्रेडिंग वॉल्यूम में बड़ा इजाफा होने या स्टॉक तक अधिक पहुंच बनने से कीमत में खास तेजी की उम्मीद कम है।
सेक्टर के मुकाबले वैल्यूएशन
LIC का वैल्यूएशन (Valuation) अपने सार्वजनिक रूप से लिस्टेड साथियों (Peers) की तुलना में काफी अलग है। अप्रैल 2026 की शुरुआत तक, LIC का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 9.53 है, जो प्रतिस्पर्धियों से काफी कम है। SBI Life Insurance का P/E रेश्यो लगभग 77.37, HDFC Life Insurance का 69.01 और ICICI Prudential Life Insurance का 57.37 है। वहीं, लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर का औसत P/E रेश्यो लगभग 20.77 है। यह बड़ा अंतर बताता है कि जहां LIC P/E के हिसाब से सस्ता दिख रहा है, वहीं बाजार कम ग्रोथ या अधिक जोखिम की उम्मीद कर सकता है।
एनालिस्ट की चिंताएं और संरचनात्मक बाधाएं
बोनस शेयर जारी करने की संभावना आम तौर पर सकारात्मक होती है, लेकिन LIC के लिए इसकी अपनी संरचना के कारण कुछ चुनौतियां हैं। मुख्य चिंता छोटा फ्री फ्लोट है। बोनस इश्यू के बाद भी, ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध शेयरों की वास्तविक संख्या में ज्यादा बदलाव नहीं आ सकता है। इससे स्टॉक की लिक्विडिटी बढ़ाने का लक्ष्य अधूरा रह सकता है। इसके अलावा, 8 अप्रैल, 2026 तक MarketsMOJO ने LIC के स्टॉक को 'Hold' से घटाकर 'Sell' रेटिंग दी है, जो बोनस की खबर के बावजूद एनालिस्ट्स के सतर्क रुख को दर्शाता है। सरकार का भारी समर्थन जहां स्थिरता देता है, वहीं यह रणनीतिक लचीलेपन को भी सीमित कर सकता है। स्टॉक का लगातार IPO प्राइस से नीचे ट्रेड करना बाजार की आशंकाओं को दिखाता है। 9 अप्रैल, 2026 को स्टॉक ₹793.60 के आसपास स्थिर देखा गया।