Kiwi General Insurance: पॉलिसीधारकों को राहत! NCB और रिपेयरिंग के नियमों में बड़े बदलाव

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Kiwi General Insurance: पॉलिसीधारकों को राहत! NCB और रिपेयरिंग के नियमों में बड़े बदलाव

डिजिटल-फर्स्ट बीमा कंपनी Kiwi General Insurance ने अपनी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे ग्राहकों को नो-क्लेम बोनस (NCB) बरकरार रखने और छोटे रिपेयर क्लेम को एक साथ फाइल करने की सुविधा मिलेगी।

बदल गया है क्लेम का गणित

Kiwi General Insurance ने ग्राहकों की दिक्कतों को समझते हुए दो नए फीचर्स, 'सुपर एनसीबी' (Super NCB) और 'फ्लेक्सी रिपेयर' (Flexi Repair) लॉन्च किए हैं। परंपरागत बीमा में एक छोटा क्लेम करने पर भी पूरा NCB खत्म हो जाता था, लेकिन Kiwi का नया मॉडल इसे टियर-बेस्ड (tiered) बनाएगा, जिससे क्लेम के बाद डिस्काउंट पूरी तरह खत्म होने के बजाय सिर्फ एक लेवल कम होगा।

वहीं, 'फ्लेक्सी रिपेयर' के तहत ग्राहक अब छोटी-छोटी मरम्मत के खर्चों को जोड़कर एक ही क्लेम के तौर पर फाइल कर सकेंगे। इससे बार-बार डिडक्टिबल (deductible) भरने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

फाइनेंशियल ईयर 2027 का लक्ष्य

IRDAI से मार्च 2026 में मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी तेजी से बाजार में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 तक ₹2 अरब से ₹3 अरब का ग्रॉस रिटन प्रीमियम (GWP) हासिल करना है।

रेगुलेटरी रिस्क पर नजर

हालांकि ये फीचर्स आकर्षक हैं, लेकिन निवेशकों को कंपनी की संरचना को लेकर सतर्क रहना चाहिए। Kiwi को WestBridge Capital का समर्थन प्राप्त है, जो कि लिस्टेड कंपनी Star Health and Allied Insurance में भी बड़ी हिस्सेदार है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रेगुलेटर इस बात की जांच कर सकते हैं कि कहीं इन दोनों कंपनियों के बीच प्रोडक्ट ओवरलैप या हितों का टकराव (conflict of interest) तो नहीं है। किसी भी तरह का सख्त रेगुलेटरी ऑर्डर कंपनी के विस्तार की योजनाओं को प्रभावित कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.