वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक महत्वपूर्ण घोषणा में बताया है कि भारत की जन सुरक्षा योजनाएं, जिनमें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) प्रमुख हैं, 2015 में अपनी शुरुआत के बाद से अब तक कुल ₹25,160 करोड़ का दावा भुगतान कर चुकी हैं। यह पहल लाखों लोगों को सस्ती और सुलभ वित्तीय सुरक्षा (financial protection) का एक महत्वपूर्ण कवच प्रदान करती है, जो देश की सामाजिक सुरक्षा (social security) के दायरे को बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इन योजनाओं के तहत, जीवन बीमा के लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) ने 10.7 लाख से अधिक परिवारों को ₹21,500 करोड़ से ज्यादा की राशि का भुगतान किया है। वहीं, दुर्घटना में होने वाली मृत्यु या विकलांगता को कवर करने वाली प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) ने 1.84 लाख से अधिक परिवारों को लगभग ₹3,660 करोड़ दिए हैं। ये आंकड़े 2015 में लॉन्च होने के बाद से इन योजनाओं के व्यापक प्रभाव और पहुँच को स्पष्ट रूप से दिखाते हैं।
जन सुरक्षा की शक्ति इन योजनाओं में हुए भारी नामांकन (enrollment) से भी स्पष्ट होती है। PMJJBY में 27 करोड़ से अधिक लोग नामांकित हो चुके हैं, जबकि PMSBY ने 58 करोड़ से अधिक का आंकड़ा पार कर लिया है। बुढ़ापे में आय सुरक्षा (old-age income security) सुनिश्चित करने वाली अटल पेंशन योजना (APY) भी 9 करोड़ से अधिक सदस्यों को जोड़ चुकी है। यह देश में वित्तीय सुरक्षा (financial protection) को सार्वभौमिक बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
यह योजनाएं बेहद किफायती हैं: PMJJBY 18 से 50 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के लिए ₹436 के वार्षिक प्रीमियम पर ₹2 लाख तक का जीवन बीमा कवर प्रदान करती है। PMSBY 18 से 70 वर्ष के लोगों के लिए मात्र ₹20 के वार्षिक प्रीमियम पर दुर्घटना से मृत्यु या पूर्ण विकलांगता की स्थिति में ₹2 लाख और आंशिक विकलांगता पर ₹1 लाख का कवर देती है। APY का उद्देश्य 18 से 40 वर्ष की आयु के असंगठित क्षेत्र (unorganised sector) के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक की मासिक पेंशन उपलब्ध कराना है। हालिया आँकड़े महिला ग्राहकों और PMJDY (प्रधानमंत्री जन धन योजना) खाताधारकों के बीच मजबूत नामांकन का संकेत देते हैं।
लोगों की पहुँच को और आसान बनाने के लिए, एक ऑनलाइन जन सुरक्षा पोर्टल (Jan Suraksha Portal) शुरू किया गया है। यह पोर्टल नागरिकों को बैंक शाखाओं में जाए बिना आसानी से नामांकन करने और दावों (claims) के निपटान (settlement) प्रक्रिया को तेज करने की सुविधा देता है। इस डिजिटल पहल का लक्ष्य कठिन समय में परिवारों को समय पर सहायता प्रदान करना है। वित्त मंत्री ने इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों को हासिल करने में बैंक और बीमा कर्मचारियों के अथक प्रयासों की सराहना भी की।
