GST के फैसले से ग्राहकों को राहत, कंपनियों की बढ़ी चिंता
22 सितंबर 2025 से लागू हुए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में व्यक्तिगत लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम को मिली छूट का असर अब दिखने लगा है। इस फैसले के चलते अब लोग इंश्योरेंस पॉलिसी 18% तक सस्ती हो गई हैं, जिससे नई पॉलिसियों की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है। खासकर प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों के लिए New Business Premium (NBP) में अच्छी ग्रोथ देखी गई है। Systematix की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन और छह सालों में APE (Annual Premium Equivalent) की ग्रोथ 9.3% और 9.4% CAGR की दर से बढ़ी है।
मार्जिन पर दबाव का गणित
जहां एक ओर ग्राहकों को फायदा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर इंश्योरेंस कंपनियों के लिए यह फैसला एक दोधारी तलवार साबित हो रहा है। इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit) के नुकसान की वजह से कंपनियों के ऑपरेशनल खर्चे 3% से 8% तक बढ़ सकते हैं। यह वह खर्च है जो कंपनियां पहले इनपुट सेवाओं पर चुकाए गए टैक्स पर क्रेडिट के रूप में वापस पा लेती थीं, लेकिन अब यह सुविधा खत्म हो गई है। इस वजह से कंपनियों के नेट प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा असर पड़ रहा है।
वैल्यूएशन का खेल: LIC बनाम प्राइवेट प्लेयर्स
भारत में लाइफ इंश्योरेंस की पैठ (penetration) अभी भी विकसित देशों के मुकाबले काफी कम है, और सुरक्षा गैप (protection gap) 83% तक है। ऐसे में इस सेक्टर में निवेशकों की रुचि बनी हुई है। Systematix Institutional Equities ने छह लाइफ इंश्योरर्स पर 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है, जिनमें Max Financial Services, SBI Life, HDFC Life, Canara HSBC Life, ICICI Prudential Life और LIC शामिल हैं।
हालांकि, वैल्यूएशन की बात करें तो LIC फिलहाल 10.7 के P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो पर ट्रेड कर रही है, जो प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों के मुकाबले काफी कम है। वहीं, HDFC Life का P/E रेश्यो 70-75, SBI Life का 65-70, और ICICI Prudential Life का लगभग 68.9 है। Max Financial Services का P/E रेश्यो तो 60 से 360 तक जाता है, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक प्राइवेट कंपनियों की ग्रोथ पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।
Max Financial Services पर खास नज़र
Max Financial Services के लिए चुनौतियां थोड़ी ज्यादा दिख रही हैं। सितंबर 2025 तिमाही में कंपनी के नेट प्रॉफिट में 96.34% की भारी गिरावट आई है, जो घटकर सिर्फ ₹4.12 करोड़ रह गया है। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट ₹5.87 करोड़ बताया गया है, जो पिछले साल की तुलना में बहुत कम है। इसके मुकाबले, LIC का ROE (Return on Equity) लगभग 45.7% है, जो उसकी मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी को दर्शाता है। ICICI Prudential Life Insurance का ROE करीब 10.4% है, जो LIC से कम है।
आगे क्या?
कंपनियां लागत को नियंत्रित करने और कमीशन पर फिर से बातचीत करने जैसे कदम उठा रही हैं ताकि मार्जिन पर पड़ रहे दबाव को कम किया जा सके। बाजार के जानकारों का मानना है कि लंबी अवधि में लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर की ग्रोथ की संभावनाएँ मजबूत हैं, लेकिन निवेशकों को कंपनियों की एक्सपेंस मैनेजमेंट (expense management) और प्रॉफिटेबिलिटी पर बारीकी से नज़र रखनी होगी। Systematix ने Max Financial Services के लिए ₹2,150, SBI Life के लिए ₹2,540, HDFC Life के लिए ₹900, Canara HSBC Life के लिए ₹180, ICICI Prudential Life के लिए ₹795, और LIC के लिए ₹1,100 का टारगेट प्राइस दिया है।
