IRDAI का बड़ा कदम: इंश्योरेंस सेक्टर में आएगा 'Public Insurance Registry', बदल जाएगा कामकाज का तरीका

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AuthorNeha Patil|Published at:
IRDAI का बड़ा कदम: इंश्योरेंस सेक्टर में आएगा 'Public Insurance Registry', बदल जाएगा कामकाज का तरीका

IRDAI ने इंश्योरेंस डेटा को सेंट्रलाइज करने के लिए 'Public Insurance Registry' का प्रस्ताव पेश किया है। इसका मकसद सेक्टर में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाना और क्लेम प्रोसेस को तेज करना है।

क्या है IRDAI का नया प्लान?

इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI ने इंश्योरेंस सेक्टर को पूरी तरह से डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 1 सितंबर 2026 को जारी इस कंसल्टेशन पेपर में 'Public Insurance Registry' (PIR) बनाने का खाका तैयार किया गया है। यह 'Sabka Bima Sabki Raksha Act, 2025' का एक हिस्सा है, जो इंडस्ट्री में बिखरे हुए डेटा को एक डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) के जरिए जोड़ने का काम करेगा।

निवेशकों और कंपनियों के लिए क्या मायने हैं?

अभी की स्थिति में पॉलिसी और क्लेम से जुड़ा डेटा अलग-अलग सिस्टम्स में पड़ा रहता है, जिससे क्लेम सेटलमेंट में देरी होती है। इस नए सिस्टम के आने से:

  • ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी: डेटा स्टैंडर्डाइज होने से अंडरराइटिंग और सटीक प्राइजिंग में मदद मिलेगी।
  • प्रोसेस होगा तेज: पॉलिसीहोल्डर्स को क्लेम क्लीयरेंस में कम वक्त लगेगा।
  • कंपटीशन का दबाव: बेहतर डेटा शेयरिंग से कंपनियों के बीच प्राइस कॉम्पिटिशन बढ़ सकता है, जिसका असर मार्जिन्स पर दिख सकता है।

चुनौतियां और डेडलाइन

हालांकि यह कदम फायदेमंद है, लेकिन इसके सामने डेटा सिक्योरिटी और पुराने IT सिस्टम्स को अपग्रेड करने जैसी बड़ी चुनौतियां भी हैं। इसे लागू करना कंपनियों के लिए काफी महंगा (Capital-intensive) साबित हो सकता है।

फिलहाल, IRDAI ने इस पर सभी स्टेकहोल्डर्स से राय मांगी है। फीडबैक देने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 तय की गई है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.