IRDAI ने नवंबर 2026 के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने का ऐलान किया है, जिसका लक्ष्य 13 लाख से ज्यादा लंबे समय से अटके इंश्योरेंस मामलों को सुलझाना है। इस कदम से इंश्योरेंस कंपनियों के कानूनी बोझ में कमी आने की उम्मीद है।
इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI ने नवंबर 2026 में एक विशेष 'ग्रीवेंस रेजोल्यूशन ड्राइव' चलाने का फैसला किया है। इस मुहिम का मकसद सालों से अदालतों और ट्रिब्यूनल्स में अटके पड़े विवादों को आपसी बातचीत और मध्यस्थता के जरिए खत्म करना है।\n\n### समस्या की गंभीरता\n\nआंकड़ों के मुताबिक, देश भर के अलग-अलग मंचों पर लगभग 2.21 लाख मामले लंबित हैं, जिनमें से करीब 72.5% मामले एक साल से ज्यादा पुराने हैं। इसके अलावा, मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) में करीब 11 लाख मामले पेंडिंग हैं। कुल 13 लाख मामलों का यह पहाड़ इंश्योरेंस कंपनियों के लिए न केवल कानूनी खर्च बढ़ा रहा है, बल्कि कस्टमर ट्रस्ट पर भी बुरा असर डाल रहा है।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है खास?\n\nइस पहल में IRDAI, 'लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल' और 'जनरल इंश्योरेंस काउंसिल' के साथ मिलकर काम कर रहा है। शॉर्ट टर्म में कंपनियों का कैश आउटफ्लो बढ़ सकता है, क्योंकि क्लेम सेटलमेंट की रफ्तार तेज होगी। लेकिन, लंबे समय में कानूनी खर्चों में कमी और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी से कंपनी के मार्जिन में सुधार दिख सकता है।\n\n### तकनीक पर भी जोर\n\nइस बीच, रेगुलेटर ने अपनी 'बिजनेस एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म' (BAP) को भी अपडेट किया है। इसमें एक नया हेल्थ इंश्योरेंस मॉड्यूल जोड़ा गया है, जिससे डेटा रिपोर्टिंग और हेल्थ प्रोडक्ट की प्रोसेसिंग अब और भी आसान हो जाएगी। आने वाले क्वार्टर्स में निवेशकों को कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए कि कैसे वे इस सेटलमेंट ड्राइव का लाभ उठा रही हैं।
