IRDAI ने एक फर्जी वेबसाइट 'igmsirdai.online' को लेकर चेतावनी जारी की है। यह साइट बीमा धारकों को शिकार बना रही है। रेगुलेटर ने साफ किया है कि अपनी बैंकिंग डिटेल्स, KYC दस्तावेज या OTP इस साइट पर साझा न करें, क्योंकि यह डेटा चोरी करने की साजिश है।
बीमा क्षेत्र के नियामक (Regulator) IRDAI ने जनता के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। 'igmsirdai.online' नाम की एक फर्जी वेबसाइट बीमा संबंधी शिकायतों को हल करने के नाम पर लोगों को ठगने की कोशिश कर रही है। रेगुलेटर ने स्पष्ट किया है कि यह वेबसाइट पूरी तरह अनधिकृत (Unauthorized) है और इसका उनके सिस्टम से कोई संबंध नहीं है।
डेटा सुरक्षा पर गंभीर खतरा
यह फर्जी प्लेटफॉर्म बीमा पॉलिसी धारकों को अपना निशाना बना रहा है और उन्हें संवेदनशील व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी देने के लिए बरगला रहा है। यह वेबसाइट सरकारी पोर्टल जैसा दिखने का नाटक करती है, जो फिशिंग स्कैम का एक आम तरीका है। IRDAI ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपनी निजी जानकारी, जैसे कि KYC दस्तावेज, बैंकिंग क्रेडेंशियल्स, पासवर्ड या OTP इस संदिग्ध डोमेन पर बिल्कुल न डालें।
इस तरह के पोर्टल का मुख्य मकसद 'डेटा हार्वेस्टिंग' है। पॉलिसी नंबर और बैंकिंग जानकारी चुराकर स्कैमर्स पहचान की चोरी (Identity Theft) या अनधिकृत ट्रांजेक्शन को अंजाम दे सकते हैं। IRDAI ने साफ तौर पर कहा है कि कोई भी आधिकारिक सरकारी बीमा पोर्टल आपसे अनचाहे लिंक या ईमेल के जरिए प्रीमियम भुगतान या पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगता है।
आधिकारिक पोर्टल का ही करें उपयोग
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, नियामक ने सलाह दी है कि शिकायत निवारण के लिए केवल सत्यापित (Verified) चैनलों का ही उपयोग करें। आधिकारिक 'इंश्योरेंस ग्रीवेंस मैनेजमेंट सिस्टम' (IGMS) को IRDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद 'बीमा भरोसा' (Bima Bharosa) पोर्टल के जरिए एक्सेस किया जा सकता है।
रेगुलेटर ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और फर्जी साइट चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यदि आपने अनजाने में अपनी जानकारी उस साइट पर डाल दी है, तो तुरंत अपने बैंक और संबंधित बीमा कंपनी से संपर्क कर अपने अकाउंट्स को सुरक्षित करें।
