Canara HSBC Life Insurance: IRDAI ने लगाया **₹1 करोड़** का जुर्माना, पॉलिसी मिस-सेलिंग का है मामला

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Canara HSBC Life Insurance: IRDAI ने लगाया **₹1 करोड़** का जुर्माना, पॉलिसी मिस-सेलिंग का है मामला

बीमा रेगुलेटर IRDAI ने Canara HSBC Life Insurance पर **₹1 करोड़** का तगड़ा जुर्माना ठोका है। कंपनी पर एक **88** साल के बुजुर्ग को गलत तरीके से एन्युटी पॉलिसी बेचने का आरोप है, जिसके बाद बैंकिंग इंश्योरेंस सेक्टर में खलबली मच गई है।

बीमा क्षेत्र के रेगुलेटर IRDAI ने नियमों की अनदेखी करने पर सख्त रुख अपनाते हुए Canara HSBC Life Insurance पर ₹1 करोड़ की पेनल्टी लगाई है। मामला कंपनी द्वारा Canara Bank के जरिए एक 88 वर्षीय व्यक्ति को 'डेफर्ड एन्युटी' पॉलिसी बेचने का है।

क्या है पूरा मामला?

जांच में सामने आया कि जिस एन्युटी प्रोडक्ट को बेचा गया, उसकी अधिकतम उम्र सीमा (Maximum Entry Age) सिर्फ 80 साल थी। 88 साल के ग्राहक को यह पॉलिसी बेचना सीधे तौर पर प्रोडक्ट गाइडलाइन्स का उल्लंघन है। रेगुलेटर ने कंपनी की आंतरिक वेरिफिकेशन और डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया में बड़ी खामियां पाई हैं।

रिफंड और कंपनी का रुख

विवाद के सामने आने के बाद, इंश्योरेंस कंपनी ने संबंधित ग्राहक को ₹4.09 लाख का रिफंड जारी कर दिया है। कंपनी की ओर से बयान आया है कि इस जुर्माने का उसके कामकाज या ऑपरेशन पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

बैंकिंग इंश्योरेंस (Bancassurance) पर सवाल

यह घटना बैंकिंग इंश्योरेंस मॉडल के जोखिमों को उजागर करती है। हालांकि बैंक वितरण का एक बड़ा माध्यम हैं, लेकिन इसमें सेल्स प्रतिनिधियों पर यह जिम्मेदारी होती है कि वे ग्राहक की उम्र और प्रोफाइल के मुताबिक ही सही प्रोडक्ट बेचें। बुजुर्ग ग्राहकों के मामले में यह सावधानी और भी बढ़ जाती है।

रेगुलेटर का यह एक्शन बताता है कि आने वाले समय में बीमा कंपनियों के लिए 'कंज्यूमर प्रोटेक्शन' और पारदर्शिता पर नकेल और कसी जाएगी। अब निवेशकों की नजर कंपनी द्वारा पेश की जाने वाली 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' पर है, जिसमें वे सुधार के कड़े कदमों का विवरण देंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.