ICICI Prudential Life Insurance ने साफ किया है कि Standard Chartered Bank के साथ उनकी बैंकाश्योरेंस पार्टनरशिप (bancassurance partnership) बनी हुई है, भले ही Prudential Plc कंपनी से बाहर निकलने की योजना बना रही हो। कंपनी ने जून तिमाही में अपने नए कारोबार के मूल्य (value of new business) में **24.9%** की बढ़ोतरी दर्ज की है, जिसका मुख्य कारण प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स (protection products) की मजबूत मांग रही।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड से रिश्ता मजबूत
ICICI Prudential Life Insurance ने इस बात की पुष्टि की है कि ब्रिटेन की Prudential Plc के प्रमोटर स्टेटस को खत्म करने की खबरों के बीच, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के साथ उनका दशक पुराना बैंकाश्योरेंस अलायंस (bancassurance alliance) प्रभावित नहीं होगा। कंपनी के CFO, धीरेन सालियन ने बताया कि स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के साथ यह साझेदारी कंपनी के प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी और कस्टमर सर्विस का एक अहम हिस्सा है, जिससे कंपनी के बिजनेस मॉडल को स्थिरता मिलती है।
वितरण नेटवर्क और जोखिम
स्टैंडर्ड चार्टर्ड भारत में ICICI Prudential Life के लिए एक महत्वपूर्ण वितरण चैनल (distribution channel) है। हालांकि, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे पूरी तरह से इस पर निर्भर नहीं हैं। प्रमुख प्रमोटर बैंक के अलावा, अन्य व्यक्तिगत वितरण भागीदारों (distribution partners) में से प्रत्येक का कंपनी के कुल नए व्यवसाय में 5% या उससे भी कम योगदान है। इस तरह, कंपनी का वितरण नेटवर्क कई चैनलों में फैला हुआ है, जो किसी एक साझेदारी में बदलाव से होने वाले बड़े राजस्व जोखिम (revenue risks) से बचाता है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि स्टैंडर्ड चार्टर्ड, जीवन बीमा के अलावा स्वास्थ्य और सामान्य बीमा उत्पादों के लिए अन्य बीमा कंपनियों के साथ भी काम करता है, जो इंडस्ट्री में एक आम बात है।
वित्तीय प्रदर्शन और उत्पाद बदलाव
जून तिमाही के नतीजों में कंपनी के नए कारोबार के मूल्य में 24.9% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹571 करोड़ तक पहुंच गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से रिटेल प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स, जैसे टर्म इंश्योरेंस और क्रेडिट-लाइफ पॉलिसियों में 60.4% की उछाल के कारण हुई है। यह लगातार तीसरा क्वार्टर है जब इस सेगमेंट में 40% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो जीवन बीमा कवर की लगातार मांग को दर्शाता है।
वहीं, सेविंग्स-ओरिएंटेड प्रोडक्ट्स, जैसे यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIPs) और गारंटीड रिटर्न प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी घटकर 72.1% रह गई, जो पिछले साल 78.1% थी। प्रबंधन का मानना है कि ग्राहकों का प्रोटेक्शन-लेड प्रोडक्ट्स की ओर झुकाव इक्विटी मार्केट की अस्थिरता और बदलती आर्थिक स्थितियों के कारण अधिक सुरक्षा की तलाश को दर्शाता है।
मार्जिन में सुधार और दक्षता
इस तिमाही में कंपनी के मार्जिन में भी सुधार हुआ है, नए कारोबार का मार्जिन बढ़कर 26.7% हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 24% था। यह वृद्धि जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (GST input tax credits) की वापसी के बावजूद हुई है, जिसने बीमा क्षेत्र में लागत दबाव बढ़ाया है। इन लागतों को प्रबंधित करने के लिए, कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसे डिजिटल टूल्स का उपयोग करके अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित कर रही है।
