ICICI Lombard General Insurance ने मुनाफे को पटरी पर लाने के लिए **FY29** तक **90%** डिजिटल सर्विसिंग का लक्ष्य रखा है। हाल ही में कंपनी के मुनाफे में **46%** की भारी गिरावट देखी गई थी, जिसके बाद इस नए स्ट्रैटेजी प्लान से निवेशकों में उत्साह है और शेयर **4%** ऊपर चढ़ गया है।
डिजिटल बदलाव की तैयारी
ICICI Lombard General Insurance ने अपने फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को सुधारने के लिए एक बड़े टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बदलाव की घोषणा की है। कंपनी का लक्ष्य FY29 तक अपने 90% कस्टमर सर्विस प्रोसेस को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का है। मैनेजमेंट का मानना है कि इस कदम से न केवल ऑपरेशनल कॉस्ट में कमी आएगी, बल्कि नए प्रोडक्ट को मार्केट में उतारने का समय भी 6 महीने से घटकर मात्र 4 हफ्ते रह जाएगा।
क्यों दबाव में है कंपनी?
यह फैसला कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण शुरुआत के बाद आया है। Q1 FY27 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 46% गिरकर ₹403 करोड़ पर आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी का 'कंबाइंड रेशियो' (Combined Ratio) है, जो बढ़कर 107.2% पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 102.9% था। इंश्योरेंस सेक्टर में 100% से ऊपर का रेशियो यह बताता है कि कंपनी प्रीमियम से होने वाली कमाई से ज्यादा क्लेम्स और खर्चों में पैसा लुटा रही है।
टॉप-लाइन ग्रोथ और चुनौतियां
कंपनी की ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम इनकम (GDPI) में 7.5% की ग्रोथ देखी गई, जो कि इंडस्ट्री की 10.9% की ग्रोथ रेट से काफी पीछे है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के जरिए कंपनी खोई हुई चमक वापस पाने की कोशिश कर रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
बाजार ने इस घोषणा का स्वागत 4% की तेजी के साथ किया है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। इंश्योरेंस सेक्टर में क्लेम इन्फ्लेशन और भारी कॉम्पिटिशन बना हुआ है। इसके अलावा, IRDAI (Insurance Regulatory and Development Authority of India) के नए रेगुलेटरी रिफॉर्म्स और कमीशन स्ट्रक्चर में बदलाव पूरे सेक्टर के लिए अनिश्चितता पैदा कर रहे हैं। आने वाले क्वार्टर्स में यह देखना अहम होगा कि क्या यह डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर वाकई कंबाइंड रेशियो को कम करने में सफल रहता है या नहीं।
