ICICI Lombard के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) संजीव मन्त्री ने कहा है कि बीमा सेक्टर में **100%** फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) की इजाजत मिलने से ग्राहकों के लिए प्रीमियम सस्ता हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इससे मार्केट का पैमाना बढ़ेगा और कंपनियां ज्यादा स्केल पर काम कर सकेंगी। कंपनी ने हाल ही में अपनी 25वीं सालगिरह पर **25** नए प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं, जिनमें पालतू जानवरों की देखभाल, महिलाओं के लिए खास पॉलिसी और डिजिटल सेवाएं शामिल हैं।
100% FDI से ग्राहकों को कैसे मिलेगा फायदा?
ICICI Lombard जनरल इंश्योरेंस, जो भारत की प्रमुख प्राइवेट जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में से एक है, का मानना है कि बीमा सेक्टर में 100% विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति मिलने से पॉलिसीधारकों के लिए लागत कम हो सकती है। कंपनी के MD और CEO संजीव मन्त्री ने समझाया कि ज्यादा कैपिटल आने से मार्केट में पैठ बढ़ेगी, जिससे कंपनियां इकोनॉमी ऑफ स्केल हासिल कर सकेंगी। जब इंश्योरेंस कंपनियां ज्यादा मात्रा में पॉलिसियां संभालती हैं, तो हर पॉलिसी को मैनेज करने की लागत कम हो जाती है, जिसका सीधा असर पब्लिक के लिए किफायती प्रीमियम के रूप में दिख सकता है।
रेगुलेटरी बदलाव और कमीशन स्ट्रक्चर पर चर्चा
FDI की संभावनाओं के अलावा, कंपनी ने बीमा इंडस्ट्री में कमीशन स्ट्रक्चर को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी बात की। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) एक ऐसे कमीशन मॉडल पर विचार कर रहा है जो पॉलिसी की निरंतरता (यानी ग्राहक पॉलिसी को कब तक चालू रखता है) पर आधारित हो, न कि पारंपरिक अपफ्रंट कमीशन मॉडल पर। श्री मन्त्री का मानना है कि इंडस्ट्री इन रेगुलेटरी चर्चाओं के साथ तालमेल बिठा रही है और उन्हें नहीं लगता कि ऐसे बदलावों से बीमा बाजार के समग्र विकास में कोई बाधा आएगी।
नए प्रोडक्ट्स और डिजिटल पहलों का लॉन्च
अपने संचालन के 25 साल पूरे होने के जश्न में, कंपनी ने अपनी पहुंच बढ़ाने और ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 25 नए इनोवेशन्स पेश किए हैं। इनमें पालतू जानवरों के लिए 'पॉ केयर' जैसे खास इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स शामिल हैं, जो मेडिकल इमरजेंसी को कवर करते हैं, और महिलाओं के लिए विभिन्न जीवन चरणों के अनुरूप विशेष इंश्योरेंस समाधान भी हैं। इसके अलावा, कंपनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि ऑपरेशनल खर्चों को कम किया जा सके। इसमें मेट्रो स्टेशनों जैसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले इलाकों में डिजिटल ब्रांच की स्थापना और 15 बड़े शहरों में मोटर इंश्योरेंस ग्राहकों के लिए 30 मिनट में रोडसाइड असिस्टेंस जैसी सेवाएं शामिल हैं।
बाजार का संदर्भ और रणनीतिक फोकस
निवेशकों के लिए, जनरल इंश्योरेंस सेक्टर का लॉन्ग-टर्म आउटलुक वैश्विक औसत की तुलना में भारत में बीमा की कम पैठ के स्तर से जुड़ा हुआ है। जबकि बढ़ा हुआ FDI इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल विस्तार के लिए आवश्यक पूंजी प्रदान कर सकता है, कंपनी की कीमत पर प्रतिस्पर्धा करते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता एक महत्वपूर्ण कारक होगी जिस पर नजर रखनी होगी। ऑपरेशनल एफिशिएंसी, जैसे कि दावों का डिजिटलीकरण और मैनुअल हस्तक्षेप को कम करने की कंपनी की क्षमता, मूल्य-संवेदनशील बाजार में लाभप्रदता बनाए रखने के लिए एक प्रमुख फोकस बनी हुई है। निवेशक भविष्य में इस बात पर अपडेट की उम्मीद करेंगे कि ये नए डिजिटल-फर्स्ट उत्पाद ग्राहक अधिग्रहण और कंपनी के बॉटम लाइन में उनके योगदान के मामले में कैसा प्रदर्शन करते हैं।
