HDFC Life Share Price: Q1 मुनाफे में 12% का उछाल, फिर भी शेयर **1.8%** गिरा! जानिए वजह

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AuthorAditya Rao|Published at:
HDFC Life Share Price: Q1 मुनाफे में 12% का उछाल, फिर भी शेयर **1.8%** गिरा! जानिए वजह

HDFC Life Insurance के शेयरों में गुरुवार को **1.8%** की गिरावट दर्ज की गई, जबकि कंपनी ने Q1 FY27 के नतीजे पेश किए। तिमाही मुनाफे में **11.89%** का उछाल आकर **₹611.19 करोड़** रहा, लेकिन निवेशक सतर्क दिखे।

नतीजों के बाद क्यों गिरी HDFC Life?

HDFC Life Insurance कंपनी के शेयर गुरुवार को इंट्राडे में 1.8% तक नीचे आ गए। यह गिरावट कंपनी के जून 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजों के ऐलान के तुरंत बाद आई। कंपनी ने ₹611.19 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹546.46 करोड़ की तुलना में 11.89% अधिक है।

आय और प्रीमियम में दमदार ग्रोथ

वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का टॉप-लाइन प्रदर्शन स्थिर रहा। नेट प्रीमियम इनकम में साल-दर-साल 14.39% का इजाफा हुआ और यह ₹16,547.97 करोड़ तक पहुंच गई। इसी के साथ, इन्वेस्टमेंट से होने वाली आय 14.1% बढ़कर ₹16,653.06 करोड़ रही। नए बिजनेस की बिक्री मापने वाले एक अहम मीट्रिक, टोटल एनुअल प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) में 9% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹3,515 करोड़ रहा। वहीं, रिन्यूअल प्रीमियम 19% बढ़कर ₹9,023 करोड़ हो गया, जो मौजूदा पॉलिसीधारकों से लगातार हो रहे भुगतानों को दर्शाता है।

ब्रोकरेज की राय और वैल्युएशन

मुनाफे और प्रीमियम में ग्रोथ के बावजूद, मार्केट एनालिस्ट्स ने स्टॉक पर मिली-जुली राय दी है। Motilal Oswal Financial Services ने ₹690 के टारगेट प्राइस के साथ 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है, जिसका कारण कंपनी का डाइवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और स्टेबल मार्जिन बताया गया है। फर्म ने FY27 के लिए वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) मार्जिन के अनुमान को 50 बेसिस पॉइंट तक बढ़ाया है। वहीं, JM Financial ने ₹640 के टारगेट के साथ 'ऐड' रेटिंग दी है। फर्म के एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी रिटेल प्रोटेक्शन और एन्युटी सेगमेंट में विस्तार कर रही है, लेकिन वे अगले तीन सालों में एनुअल प्रीमियम इक्विवेलेंट में डबल-डिजिट ग्रोथ बनाए रखने की मैनेजमेंट की क्षमता पर नजर रखेंगे।

स्टॉक का पिछला प्रदर्शन

मार्केट पार्टिसिपेंट्स स्टॉक की लॉन्ग-टर्म चाल को लेकर झिझक दिखा रहे हैं। पिछले हफ्ते शेयर में 1.75% का उछाल जरूर आया, लेकिन पिछला एक साल चुनौतीपूर्ण रहा है। स्टॉक पिछले एक साल में 25% से अधिक गिर चुका है, जो कि इसी अवधि में निफ्टी 50 इंडेक्स से काफी पीछे है। यह गिरावट कंपनी के कोर ऑपरेटिंग इनकम और प्रीमियम कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद कमजोरी के एक लंबे दौर को दर्शाती है। कंपनी की फाइनेंशियल ग्रोथ और उसके मार्केट वैल्यूएशन के बीच लगातार बना यह गैप इंस्टीट्यूशनल और रिटेल निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।

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