Go Digit General Insurance के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹142 करोड़** पर आ गया है, साथ ही कंपनी ने IRDAI के एक्सपेंस लिमिट्स का उल्लंघन करने की जानकारी भी दी है।
Go Digit General Insurance के लिए सितंबर तिमाही का सफर चुनौतियों भरा रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर 31% गिरकर ₹142 करोड़ रह गया है। नतीजों के साथ ही कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में एक बड़ी चिंता भी जाहिर की है—कंपनी ने स्वीकार किया है कि 30 सितंबर को खत्म हुई छमाही के लिए उसके 'मैनेजमेंट एक्सपेंस' IRDAI द्वारा तय की गई लिमिट से ज्यादा रहे हैं।
रेगुलेटर से मांगी मोहलत
कंपनी ने इस उल्लंघन के बारे में रेगुलेटर को सूचित कर दिया है और 2024 के लिए 'एक्सपेंस ऑफ मैनेजमेंट' (EoM) नियमों के तहत राहत (Forbearance) मांगी है। गौरतलब है कि कंपनी पहले भी मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए इसी तरह की प्रक्रिया अपना चुकी है।
क्या है Kamesh Goyal की चिंता?
कंपनी के चेयरमैन और फाउंडर Kamesh Goyal का मानना है कि मौजूदा रेगुलेटरी ढांचा कुछ अनचाही समस्याएं पैदा कर रहा है। कंपनी का तर्क है कि नियम अनजाने में बीमा कंपनियों को ऐसे बिजनेस (जैसे क्रॉप और गवर्नमेंट इंश्योरेंस) से मुनाफा निकालकर रिटेल कमीशन में लगाने के लिए प्रेरित करते हैं, जो असल में मार्केट में विकृति पैदा कर रहे हैं।
मुनाफे पर क्यों बढ़ा दबाव?
मुनाफे में इस गिरावट की एक बड़ी वजह गुजरात में आई मानसून की बाढ़ है, जिसके चलते इंश्योरेंस क्लेम में अचानक तेजी आई है। इसके अलावा, कंपनी का 'इंडियन अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स' (Ind AS) में ट्रांजिशन भी नतीजों के आंकड़ों पर असर डाल रहा है। अब निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि IRDAI कंपनी की मोहलत की मांग पर क्या रुख अपनाता है।
