E20 पेट्रोल इस्तेमाल से नहीं रद्द होगा मोटर इंश्योरेंस क्लेम: इंश्योरेंस कंपनियों का बड़ा बयान

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AuthorNeha Patil|Published at:
E20 पेट्रोल इस्तेमाल से नहीं रद्द होगा मोटर इंश्योरेंस क्लेम: इंश्योरेंस कंपनियों का बड़ा बयान

भारतीय कार मालिकों के लिए राहत भरी खबर है! इंश्योरेंस कंपनियों ने साफ किया है कि E20 इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल करने से आपका मोटर इंश्योरेंस क्लेम अपने आप रद्द नहीं होगा। क्लेम की मंजूरी, इस्तेमाल किए गए ईंधन के प्रकार के बजाय, पॉलिसी की शर्तों और नुकसान के वास्तविक कारण पर निर्भर करेगी।

क्लेम की मंजूरी कैसे मिलेगी?

मोटर इंश्योरेंस का सबसे महत्वपूर्ण नियम यही है कि क्लेम को मंजूर किया जाएगा या नहीं, यह पूरी तरह से इंश्योरेंस कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों और नुकसान की प्रकृति पर निर्भर करता है। इंश्योरेंस इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स के अनुसार, कंपनियां क्लेम का मूल्यांकन गाड़ी में इस्तेमाल किए गए पेट्रोल के मिश्रण (fuel blend) के आधार पर नहीं, बल्कि नुकसान के असली कारण के आधार पर करती हैं। अगर गाड़ी को टक्कर लगने या चोरी होने जैसी कोई दुर्घटना होती है, तो आपकी कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी में पेट्रोल के प्रकार से कोई फर्क नहीं पड़ता। इंश्योरेंस सेक्टर का कहना है कि E20 ईंधन के इस्तेमाल के आधार पर कवरेज से इनकार करने के लिए कोई रेगुलेटरी या इंडस्ट्री-वाइड बदलाव नहीं हुआ है।

एक्सीडेंटल डैमेज और मैकेनिकल खराबी में अंतर

पॉलिसी होल्डर्स के लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि एक्सीडेंटल डैमेज (दुर्घटना से हुआ नुकसान) और मैकेनिकल ब्रेकडाउन (गाड़ी का पुर्जा खराब होना) में अंतर होता है। आमतौर पर, स्टैंडर्ड मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल फेलियर या सामान्य टूट-फूट (wear and tear) को कवर नहीं किया जाता है। अगर इंजन में कोई खराबी आती है, तो इंश्योरर जांच करेगा कि आखिर वजह क्या थी। यदि यह नुकसान गाड़ी के पुराने हो जाने या मालिक द्वारा निर्माता के निर्देशों को जानबूझकर अनदेखा करने (जैसे गलत फ्यूल का इस्तेमाल) के कारण हुआ है, तो क्लेम पर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, क्लेम को रिजेक्ट करने के लिए इंश्योरेंस कंपनी को यह साबित करना होगा कि इस्तेमाल किए गए फ्यूल के कारण ही नुकसान हुआ है। जांच का जिम्मा इंश्योरेंस कंपनी का है, और वे सिर्फ फ्यूल के टाइप के आधार पर क्लेम को सीधे तौर पर खारिज नहीं कर सकते।

गाड़ी मालिकों के लिए ज़रूरी टिप्स

ईंधन के बदलते मानकों के बीच, इंश्योरेंस कवरेज को सुरक्षित रखने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप निर्माता द्वारा बताई गई सर्विसिंग का पूरा ध्यान रखें। सर्विस रिकॉर्ड और मेंटेनेंस लॉग को संभाल कर रखना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि ये जिम्मेदार वाहन मालिक होने का सबूत देते हैं। हालांकि इथेनॉल-मिश्रित ईंधन का उपयोग करने के लिए किसी विशेष दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यदि आपको कभी लगे कि खराब ईंधन की गुणवत्ता के कारण गाड़ी में अचानक कोई यांत्रिक समस्या आई है, तो फ्यूल बिल संभाल कर रखना मददगार हो सकता है। निवेशकों और पॉलिसीधारकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि भले ही ईंधन नीति इथेनॉल को बढ़ावा देने की ओर बढ़ रही हो, लेकिन इंश्योरेंस कॉन्ट्रैक्ट का मुख्य आधार अभी भी दुर्घटना से होने वाले नुकसान पर ही केंद्रित है। इसलिए, किसी भी संभावित विवाद से बचने के लिए गाड़ी को निर्माता के स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.