Care Health Insurance का सितंबर में ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम इनकम (GDPI) बढ़कर **₹1,042 करोड़** पहुंच गया है। कंपनी देश की दूसरी सबसे बड़ी स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी बन गई है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बरकरार है।
शानदार ग्रोथ, पर मुनाफे का क्या?
Care Health Insurance ने सितंबर के आंकड़ों में 44% की साल-दर-साल ग्रोथ दर्ज की है, जो इंडस्ट्री की 27% की औसत ग्रोथ के मुकाबले काफी बेहतर है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में कंपनी का कुल GDPI ₹6,193 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 42% ज्यादा है। कंपनी अब 3.45% मार्केट शेयर के साथ भारत की दूसरी सबसे बड़ी स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरर है, जिसके पास 288 शाखाएं और 22,040 से ज्यादा हॉस्पिटल टाई-अप्स हैं।
प्रॉफिटेबिलिटी पर मार
तेजी से बढ़ते बिजनेस के बीच कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुनाफे की है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY26) में कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग 92% गिर गया था। इसका मुख्य कारण क्लेम सेटलमेंट की बढ़ती लागत और ऑपरेशनल खर्चों में तेजी है। मेडिकल इन्फ्लेशन (Medical Inflation) और बढ़ते क्लेम रेशियो के कारण अंडरराइटिंग मार्जिन्स पर भारी दबाव देखा जा रहा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि Care Health Insurance एक अनलिस्टेड कंपनी है। इसके शेयर NSE या BSE पर ट्रेड नहीं होते हैं। यह Religare Enterprises Limited की एक सब्सिडियरी कंपनी है और इसके शेयर केवल प्राइवेट मार्केट में ही उपलब्ध हैं, जिससे इसमें लिक्विडिटी कम हो सकती है। भविष्य में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कैसे अपने क्लेम रेशियो को कंट्रोल करती है और रेगुलेटरी बदलावों के बीच अपने मार्जिन्स को कैसे बनाए रखती है।
