बजाज इंश्योरेंस की छलांग: 95% शिकायतें AI से हल, CEO ने अनिवार्य कवर की मांग की

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AuthorNeha Patil|Published at:
बजाज इंश्योरेंस की छलांग: 95% शिकायतें AI से हल, CEO ने अनिवार्य कवर की मांग की
Overview

बजाज जनरल इंश्योरेंस जेनरेटिव AI चैटबॉट्स का उपयोग करके 95% ग्राहक शिकायतों का समाधान कर रहा है, जिसकी घोषणा CEO तपस सिंघल ने विश्व आर्थिक मंच पर की। एलियांज के हिस्से के अधिग्रहण के बाद कंपनी अब पूरी तरह से भारतीय स्वामित्व वाली हो गई है। सिंघल ने भारत में बीमा की कम पैठ को देखते हुए आगामी बजट में सभी कर्मचारियों और MSMEs के लिए अनिवार्य बीमा की भी वकालत की।

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बजाज जनरल इंश्योरेंस अब उन्नत जेनरेटिव AI चैटबॉट्स के माध्यम से 95 प्रतिशत से अधिक ग्राहक शिकायतों को संभाल रहा है। यह महत्वपूर्ण तकनीकी छलांग प्रबंध निदेशक और CEO तपस सिंघल ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान घोषित की।

बीमाकर्ता उद्योग में उच्चतम नेट प्रमोटर स्कोर (NPS) में से एक की रिपोर्ट करता है, जो AI-संवर्धित ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण का प्रमाण है। सिंघल ने बताया कि अंडरराइटिंग, क्लेम प्रोसेसिंग और ग्राहक संपर्क केंद्रों जैसे क्षेत्रों को AI की क्षमताओं से रूपांतरित किया जा रहा है, जिससे संचालन अधिक कुशल और उत्तरदायी बन रहा है।

जबकि AI नीति स्पष्टीकरण जैसी सामान्य पूछताछों के प्रबंधन में उत्कृष्ट है, सिंघल ने AI की "मतिभ्रम" (hallucination) की प्रवृत्ति को कम करने के लिए कठोर प्रशिक्षण की आवश्यकता को स्वीकार किया। अधिक जटिल मुद्दों को मानव एजेंटों को सौंपा जाना जारी है, जिससे तकनीकी दक्षता और मानवीय विशेषज्ञता के बीच संतुलन सुनिश्चित होता है।

एक रणनीतिक कदम में, बजाज जनरल इंश्योरेंस ने एलियांज के हिस्से का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जिससे यह 100 प्रतिशत भारतीय स्वामित्व वाली इकाई बन गई है। यह विकास बीमा बिल में हालिया संशोधनों के अनुरूप है, जिनका उद्देश्य क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को बढ़ावा देना है।

सिंघल ने भारत में चिंताजनक रूप से कम बीमा पैठ की ओर इशारा किया, खासकर छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के बीच, जहां लगभग 90 प्रतिशत के पास कवरेज नहीं है। उन्होंने व्यवसायों को सुरक्षित करने और व्यापक अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए आगामी केंद्रीय बजट में सभी कर्मचारियों और MSMEs के लिए बीमा को अनिवार्य बनाने पर विचार करने का सरकार से आग्रह किया।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.