EV निर्माता Ather Energy की सब्सिडियरी, Ather Insurance को IRDAI से कॉर्पोरेट एजेंट का लाइसेंस मिल गया है। इस कदम से कंपनी अब लाइफ, हेल्थ और जनरल इंश्योरेंस बेच सकेगी, जिसका उद्देश्य अपना रिकरिंग रेवेन्यू बढ़ाना है।
बिजनस मॉडल में बड़ा बदलाव
अब Ather Energy सिर्फ स्कूटर बनाने वाली कंपनी नहीं रहेगी। 15 अक्टूबर को कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Ather Insurance को इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) से 'कंपोजिट कॉर्पोरेट एजेंट' के रूप में रजिस्ट्रेशन मिल गया है। यह लाइसेंस कंपनी को अब लाइफ, हेल्थ और जनरल इंश्योरेंस के डिस्ट्रीब्यूशन का रास्ता खोल देता है।
रेवेन्यू का नया जरिया
EV सेक्टर में भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर को देखते हुए, Ather अपने रेवेन्यू के लिए सिर्फ वाहन बिक्री पर निर्भर नहीं रहना चाहती। फिलहाल, कंपनी सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विसिंग से पैसा कमाती है, जो पिछले साल कुल इनकम का 13% था। मैनेजमेंट का साफ लक्ष्य है कि वैल्यू-एडेड सर्विसेज के जरिए मार्जिन में सुधार किया जाए।
फाइनेंशियल सेहत और चुनौती
कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹3,823 करोड़ की टोटल इनकम दर्ज की थी, जो 66% की उछाल है। हालांकि कंपनी अभी भी नुकसान में है, लेकिन राहत की बात यह है कि सालाना नेट लॉस ₹812.3 करोड़ से घटकर ₹517.2 करोड़ पर आ गया है।
रिस्क और निवेशकों के लिए संकेत
इंश्योरेंस मार्केट में कंपटीशन काफी कड़ा है। अभी यह साफ नहीं है कि कंपनी के इंश्योरेंस पार्टनर कौन होंगे और लॉन्चिंग कब होगी। ईवी बनाने और इंश्योरेंस के क्लेम प्रोसेस को संभालने में जमीन-आसमान का अंतर है। देखना यह होगा कि क्या Ather बिना एक्स्ट्रा मार्केटिंग खर्च के अपने मौजूदा ग्राहकों को ये पॉलिसी बेच पाती है या नहीं। आने वाली तिमाही नतीजों में कंपनी की ओर से और जानकारी मिलने की उम्मीद है।
