अप्रैल 2023 से रईस भारतीयों के बीच टर्म इंश्योरेंस लेने की होड़ मची है। डेटा के मुताबिक बुकिंग्स दोगुनी हो गई हैं और एवरेज कवर में **30%** का उछाल आया है, जिसमें युवा प्रोफेशनल सबसे आगे हैं।
भारत के हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स अब अपनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी को लेकर काफी गंभीर हो गए हैं। अप्रैल 2023 के बाद से ही रईस वर्ग के बीच टर्म इंश्योरेंस लेने की रफ्तार दोगुनी हो गई है। खास बात यह है कि अब लोग केवल नाममात्र का बीमा नहीं, बल्कि बड़े कवर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे एवरेज सम अश्योर्ड (Sum Assured) में 30% की वृद्धि दर्ज की गई है।
युवा प्रोफेशनल संभाल रहे मोर्चा
दिलचस्प बात यह है कि इस हाई-वैल्यू इंश्योरेंस लेने वालों में करीब 50% लोग 35 साल से कम उम्र के हैं। यह दिखाता है कि युवा प्रोफेशनल्स अपनी करियर के शुरुआती दौर में ही जोखिम प्रबंधन (Risk Management) को लेकर सजग हैं। बाजार में ₹3 करोड़ या उससे ज्यादा की कवरेज वाली पॉलिसी की मांग में 25% का उछाल आया है। वहीं, कुछ खरीदार तो ₹10 करोड़ से लेकर ₹25 करोड़ तक का बड़ा कवर भी ले रहे हैं।
शहरों की बात करें तो बेंगलुरु और हैदराबाद बुकिंग वॉल्यूम में सबसे आगे हैं, जबकि मुंबई, गुरुग्राम और फरीदाबाद में प्रति पॉलिसी एवरेज सम अश्योर्ड सबसे ज्यादा है।
कॉम्प्रिहेंसिव प्रोटेक्शन पर जोर
आजकल के खरीदार सेविंग्स-लिंक्ड प्रोडक्ट्स के बजाय प्योर प्रोटेक्शन (Pure Protection) को तरजीह दे रहे हैं। केवल 5% लोग ही 'टर्म रिटर्न ऑफ प्रीमियम' प्लान्स चुन रहे हैं। ज्यादातर ग्राहक 'लिमिटेड-पे' स्ट्रक्चर पसंद कर रहे हैं, ताकि 60 साल की उम्र तक प्रीमियम भुगतान खत्म हो जाए।
इसके अलावा, पॉलिसी में लोग राइडर्स भी जोड़ रहे हैं। 20% खरीदार 'एक्सीडेंटल टोटल एंड परमानेंट डिसेबिलिटी' कवर ले रहे हैं, जबकि 15% 'क्रिटिकल इलनेस' कवर को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है संकेत?
इंश्योरेंस सेक्टर के निवेशकों के लिए यह ट्रेंड काफी अहम है। टर्म इंश्योरेंस कंपनियों के लिए हाई-मार्जिन प्रोडक्ट माना जाता है। जैसे-जैसे कंपनियां प्योर प्रोटेक्शन की ओर अपना पोर्टफोलियो शिफ्ट करेंगी, उनके प्रॉफिट मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, कड़ा मुकाबला बना रहेगा, इसलिए कंपनियों की अंडरराइटिंग क्वालिटी और क्लेम सेटलमेंट रेशियो पर नजर रखना जरूरी होगा।
