ट्रैवल इंश्योरेंस की स्टैंडर्ड पॉलिसी में अक्सर एडवेंचर स्पोर्ट्स शामिल नहीं होते। अपनी छुट्टियों को सुरक्षित बनाने के लिए पॉलिसी के बारीक नियमों को समझना और सही ऐड-ऑन (Add-ons) चुनना बेहद जरूरी है।
आजकल भारतीय ट्रैवलर्स सिर्फ घूमने नहीं, बल्कि स्कूबा डाइविंग, हाई-एल्टिट्यूड ट्रेकिंग और स्काईडाइविंग जैसे एडवेंचर का आनंद लेने के लिए भी जाते हैं। लेकिन एक छोटी सी गलती आपकी पूरी ट्रिप का मजा किरकिरा कर सकती है। सच्चाई यह है कि ज्यादातर स्टैंडर्ड ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसियां केवल बेसिक टूरिस्ट गतिविधियों के लिए बनी होती हैं, और इनमें हाई-रिस्क वाली स्पोर्ट्स शामिल नहीं होतीं।
क्या है रिस्क?
अगर आप बिना कवर के ट्रेकिंग या डाइविंग जैसी गतिविधियों में शामिल होते हैं और कोई हादसा हो जाता है, तो इमरजेंसी मेडिकल ट्रीटमेंट या एयर एम्बुलेंस का खर्च आपको अपनी जेब से देना पड़ सकता है। भारत में ट्रैवल इंश्योरेंस मार्केट में साल 2026 में 22% की सालाना ग्रोथ देखी गई है, जिसके चलते कई कंपनियां अब खास 'राइडर्स' या ऐड-ऑन ऑफर कर रही हैं।
सही कवर कैसे चुनें?
ICICI Lombard, Tata AIG General Insurance और Bajaj Allianz जैसी कंपनियां अब एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए स्ट्रक्चर्ड ऐड-ऑन दे रही हैं। ध्यान रखें कि इन्हें ट्रिप शुरू होने से पहले ही लेना अनिवार्य है; डेस्टिनेशन पर पहुँचने के बाद इन्हें एक्टिवेट नहीं किया जा सकता।
पॉलिसी की शर्तों को ध्यान से पढ़ें
सिर्फ ऐड-ऑन लेना ही काफी नहीं है, इनकी शर्तों को भी समझना जरूरी है:
- आयु सीमा: कई कंपनियां 14 से 60 वर्ष की उम्र के बीच के लोगों को ही कवर देती हैं।
- ऊंचाई (Altitude): आपकी पॉलिसी एक साधारण ट्रेक तो कवर कर सकती है, लेकिन ऊंची चोटियों या समिट के लिए अलग से कवरेज की जरूरत हो सकती है।
- प्रोफेशनल स्पोर्ट्स: लगभग सभी पॉलिसियां केवल शौकिया (amateur) गतिविधियों को कवर करती हैं। प्रोफेशनल या कॉम्पिटिटिव स्पोर्ट्स के लिए आपको अलग से इंतजाम करना होगा।
इसके अलावा, एडवेंचर स्पोर्ट्स के क्लेम में अक्सर 'डिडक्टिबल्स' (Deductibles) ज्यादा होते हैं, यानी क्लेम का एक हिस्सा आपको खुद भरना पड़ सकता है। इसलिए ट्रिप पर निकलने से पहले अपनी पॉलिसी के 'इनक्लूजन' और 'एक्सक्लूजन' की अच्छी तरह जांच करना ही समझदारी है।
