📉 नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
समेकित (Consolidated) प्रदर्शन:
कंपनी का समेकित रेवेन्यू (Consolidated Revenue) Q3 FY26 में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 4.82% बढ़कर ₹11,199.42 लाख रहा। हालांकि, टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) 67.63% गिरकर ₹207.61 लाख पर आ गया। इस तिमाही के अंत में कंपनी को ₹57.65 लाख का नेट लॉस हुआ, जबकि Q3 FY25 में ₹450.77 लाख का प्रॉफिट था। यह 112.78% की भारी गिरावट है। बेसिक और डाइल्यूटेड ईपीएस (EPS) ₹(0.38) रहा, जो पिछले साल ₹3.46 था। पिछली तिमाही (Q2 FY26) के मुकाबले, रेवेन्यू में 0.47% की गिरावट आई, PBT 68.67% गिर गया और नेट प्रॉफिट ₹511.82 लाख के लाभ से घटकर नुकसान में चला गया।
स्टैंडअलोन (Standalone) प्रदर्शन:
स्टैंडअलोन रेवेन्यू 5.65% बढ़कर ₹9,885.77 लाख रहा। मगर, PBT 33.88% घटकर ₹261.49 लाख रह गया और नेट प्रॉफिट 29.22% गिरकर ₹174.66 लाख पर आ गया। ईपीएस ₹1.29 रहा, जो पिछले साल ₹1.90 था। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर, रेवेन्यू में 2.32% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन PBT 52.46% और नेट प्रॉफिट 57.84% गिर गया।
नौ महीनों का प्रदर्शन (Nine Months Ended Dec 31, 2025):
समेकित आधार पर, रेवेन्यू 1.09% घटकर ₹32,907.40 लाख रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 48.35% गिरकर ₹866.58 लाख हो गया। ईपीएस ₹6.50 रहा, जो 49.65% कम है।
स्टैंडअलोन आधार पर, रेवेन्यू 2.57% घटकर ₹28,261.45 लाख रहा, मगर नेट प्रॉफिट 2.16% बढ़कर ₹898.24 लाख हो गया। ईपीएस ₹6.74 रहा, जो 0.30% कम है।
नुकसान की वजहें:
समेकित आधार पर मुनाफे में आई यह भारी गिरावट चिंता का विषय है। रेवेन्यू में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद, लागतें बढ़ती दिख रही हैं। समेकित PBT मार्जिन में बड़ी कमी आई है। नए लेबर कोड (Labour Codes) लागू होने से ₹72.93 लाख (समेकित) और ₹45.84 लाख (स्टैंडअलोन) की अतिरिक्त लागतें आई हैं, जिससे दबाव बढ़ा है। इसके अलावा, अन्य खर्चे, कर्मचारी लाभ (Employee Benefits) और डेप्रिसिएशन (Depreciation) में भी बढ़ोतरी देखी गई।
क्या है चिंता की बात?
कंपनी का प्रदर्शन, खासकर समेकित नेट लॉस, परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) और लागत प्रबंधन (Cost Management) पर गंभीर सवाल खड़े करता है। PBT में भारी गिरावट और लाभ से घाटे में जाना इस गिरावट के कारणों की गहराई से जांच की मांग करता है। हालांकि स्टैंडअलोन प्रदर्शन कम गंभीर है, फिर भी यह साल-दर-साल और तिमाही-दर-तिमाही घटती लाभप्रदता दिखा रहा है। मैनेजमेंट की ओर से स्थिति को सुधारने या सकारात्मक दृष्टिकोण पेश करने की कमी को देखते हुए, निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
🚩 जोखिम और आगे का रास्ता:
मुख्य जोखिम कंपनी की मुनाफे में हो रही गिरावट को रोकने में विफलता है, खासकर समेकित स्तर पर। निवेशक बारीकी से देखेंगे कि क्या मैनेजमेंट लागत के दबाव को कम कर पाता है और आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में सुधार कर पाता है। नए लेबर कोड का प्रभाव पूरी तरह से अवशोषित होना बाकी है। प्रमोटर को किए गए प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) से भी वर्तमान वित्तीय कमजोरी की भरपाई नहीं हो पा रही है।