Yuken India के लिए तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। कंपनी के कंसोलिडेटेड परफॉरमेंस में भारी गिरावट आई है, जिसके चलते उन्हें मुनाफा कमाने की बजाय बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
नतीजों का पूरा ब्यौरा (Numbers Breakdown)
कंपनी ने बताया कि Q3 FY26 में कुल रेवेन्यू (Revenue) साल-दर-साल (YoY) 4.81% बढ़कर ₹11,199.42 लाख रहा। हालांकि, यह टॉप-लाइन ग्रोथ बॉटम-लाइन पर असर नहीं दिखा पाई। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 67.63% की भारी गिरावट आई और यह पिछले साल के ₹641.54 लाख से घटकर ₹207.61 लाख रह गया।
इसके चलते, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) यानी कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पूरी तरह से लाल निशान में आ गया। Q3 FY25 में जहां ₹450.77 लाख का मुनाफा था, वहीं Q3 FY26 में कंपनी को ₹57.65 लाख का घाटा (Loss) हुआ है।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन और मार्जिन पर दबाव (Standalone Performance & Margin Pressure)
स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर भी तस्वीर कुछ खास बेहतर नहीं रही। यहां रेवेन्यू 5.65% बढ़कर ₹9,885.77 लाख हुआ। लेकिन, स्टैंडअलोन PBT 33.88% गिरकर ₹261.49 लाख रहा और स्टैंडअलोन PAT में 29.22% की कमी आई, जो ₹174.66 लाख पर आ गया। यह दिखाता है कि कंपनी के कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन, दोनों ही ऑपरेशंस में मार्जिन पर काफी दबाव है।
लागतों का असर और भविष्य की राह (Cost Impact & Way Forward)
इस गिरावट की एक बड़ी वजह लागतों (Expenses) में बढ़ोतरी मानी जा रही है। कंपनी ने नए लेबर कोड (New Labour Codes) के लागू होने के कारण ₹72.93 लाख (कंसोलिडेटेड) और ₹45.84 लाख (स्टैंडअलोन) का अतिरिक्त खर्च दर्ज किया है।
नौ महीनों (Nine-month period) की अवधि के लिए भी कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 1.09% की गिरावट दर्ज की गई, जो ₹32,907.40 लाख रहा। इसी दौरान, कंसोलिडेटेड PBT 35.14% और PAT 48.73% गिरकर ₹859.02 लाख पर आ गया।
कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025 के लिए ₹1.50 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है।