Wipro Kawasaki Precision Machinery ने कर्नाटक के हारोहल्ली में **₹1,000 करोड़** का निवेश करने का ऐलान किया है। इस नई यूनिट से कंपनी की उत्पादन क्षमता दोगुना होकर **2,00,000** यूनिट सालाना हो जाएगी और **1,200** लोगों को रोजगार मिलेगा।
उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा
जापान की Kawasaki Heavy Industries और Wipro Enterprises की ज्वाइंट वेंचर, Wipro Kawasaki, भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट को मजबूती देने जा रही है। कंपनी हारोहल्ली इंडस्ट्रियल एरिया में एक बड़ा ग्रीनफील्ड प्लांट लगाने वाली है। अभी कुम्बलगोडु की लीज्ड फैसिलिटी से कंपनी सालाना 80,000 हाइड्रोलिक पंप बनाती है, लेकिन नई यूनिट के शुरू होने के बाद यह आंकड़ा 2,00,000 यूनिट्स के पार जाने का अनुमान है। कंपनी का लक्ष्य अगले 12 महीनों में इसे ऑपरेशनल करने का है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
शेयर बाजार के निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि यह निवेश Wipro Enterprises के तहत आता है, जो कि एक अनलिस्टेड कंपनी है। इसका शेयर बाजार में लिस्टेड Wipro Limited (IT कंपनी) से कोई सीधा संबंध नहीं है। Wipro Limited के निवेशकों को याद दिला दें कि कंपनी को 30 सितंबर, 2026 से Nifty 50 इंडेक्स से बाहर किया जाना है।
रिस्क और चुनौतियां
हर बड़े इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट की तरह, इसमें भी कुछ रिस्क हैं। अगर लैंड एक्विजिशन या इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में देरी होती है, तो कंपनी की टाइमलाइन प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, हाइड्रोलिक इक्विपमेंट का सेक्टर काफी हद तक इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग डिमांड पर निर्भर करता है। अगर इन क्षेत्रों में सुस्ती आती है, तो नई क्षमता का पूरा उपयोग करना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
