वेस्टर्न मिनिस्टिल का स्ट्रैटेजिक मूव: माइक्रोन कैल्साइट का अधिग्रहण
वेस्टर्न मिनिस्टिल लिमिटेड ने 12 मार्च 2026 को अपने बोर्ड की ओर से माइक्रोन कैल्साइट प्राइवेट लिमिटेड की 100% हिस्सेदारी ₹4.54 करोड़ नकद में खरीदने की मंजूरी की घोषणा की है। मिनरल और माइनिंग सेक्टर में काम करने वाली माइक्रोन कैल्साइट का फाइनेंशियल ईयर 24-25 में टर्नओवर ₹22.34 करोड़ रहा था। इस अधिग्रहण के पूरा होने के बाद, जो करीब दो महीने में होने की उम्मीद है, माइक्रोन कैल्साइट वेस्टर्न मिनिस्टिल की पूरी तरह से अपनी सहायक कंपनी (wholly-owned subsidiary) बन जाएगी।
यह कदम वेस्टर्न मिनिस्टिल के लिए एक महत्वपूर्ण स्ट्रैटेजिक बदलाव का संकेत है। आपको बता दें कि कंपनी का स्टील मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस साल 1995 से घाटे के कारण बंद पड़ा है। कंपनी लगातार रीस्ट्रक्चरिंग और डाइवर्सिफिकेशन (diversification) के अवसरों की तलाश कर रही थी। मिनरल और माइनिंग सेक्टर में यह एंट्री, भले ही The Ramco Cements Ltd. और Dalmia Bharat Ltd. जैसे बड़े नामों की तुलना में छोटी हो, कंपनी के लिए एक नई दिशा दिखाएगी।
इस डील का एक बड़ा और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसे एक मटेरियल रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन (material related-party transaction) के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वेस्टर्न मिनिस्टिल के प्रमोटर्स, कल्पेश पटेल और वंदना पटेल, माइक्रोन कैल्साइट में डायरेक्टर्स के तौर पर भी जुड़े हुए हैं। इस स्ट्रक्चर को देखते हुए शेयरहोल्डर्स और रेगुलेटर्स के लिए यह जरूरी है कि वे डील के उचित मूल्यांकन (fair valuation) और गवर्नेंस प्रैक्टिसेज (governance practices) पर बारीकी से नजर रखें।
निवेशक अब अधिग्रहण के दो महीने में पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें इस बात पर ध्यान देना होगा कि अधिग्रहण के बाद कंपनी का इंटीग्रेशन (integration) कैसा होता है, माइक्रोन कैल्साइट का फ्यूचर परफॉर्मेंस कैसा रहेगा, नई मिनरल बिजनेस के लिए मैनेजमेंट की क्या स्ट्रेटेजी है, और रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन की शर्तों व वैल्यूएशन पर चल रही जांच कैसी रहती है।