सोलर पावर में Websol Energy का दम
Websol Energy System Limited ने 26 फरवरी 2026 को एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि कंपनी को सोलर मॉड्यूल के लिए तीन नए परचेज ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डर्स की कुल वैल्यू ₹172 करोड़ है और ये 85.5 MW की सोलर कैपेसिटी को कवर करते हैं। कंपनी ने मई 2026 तक इन ऑर्डर्स की सप्लाई पूरी करने का कमिटमेंट दिया है।
अमेरिकी टैरिफ से मिली राहत
सबसे खास बात यह है कि Websol Energy ने इस बात पर जोर दिया है कि हाल ही में अमेरिका द्वारा लगाए गए सोलर टैरिफ का कंपनी के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि Websol Energy की अमेरिका के बाजार में कोई एक्सपोर्ट्स (निर्यात) नहीं है। यह फैक्ट कंपनी को सेक्टर की दूसरी उन कंपनियों से अलग करता है जो अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी में बदलाव से प्रभावित हो सकती हैं।
कंपनी के टर्नअराउंड की कहानी
यह ऑर्डर जीतना Websol Energy के लिए एक बड़ी स्ट्रैटेजिक जीत है, खासकर ऐसे समय में जब कंपनी वित्तीय मोर्चे पर बेहतर कर रही है। फाइनेंशियल ईयर (FY) 2025 के लिए, कंपनी ने ₹575.46 करोड़ का नेट सेल्स और ₹154.74 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था, जो पिछले सालों के घाटे से एक बड़ा बदलाव दिखाता है।
कैपेसिटी बढ़ाने पर भी फोकस
Websol Energy अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने पर भी तेजी से काम कर रही है। कंपनी हाल ही में 600 MW की सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग लाइन शुरू कर चुकी है और 2028 तक अपनी कैपेसिटी को 5.2 GW (सेल) और 4.5 GW (मॉड्यूल) तक बढ़ाने की योजना बना रही है। कंपनी इनगॉट और वेफर टेक्नोलॉजी के लिए लिंटन (Linton) जैसी कंपनियों के साथ भी एमओयू (MoU) कर रही है ताकि अपनी सप्लाई चेन को और मजबूत किया जा सके।
टैक्स विवाद सुलझा
इसके अलावा, कंपनी को एक और बड़ी राहत मिली है। 2017-18 असेसमेंट ईयर के लिए एक टैक्स अपील जीतकर, कंपनी पर ₹73.04 करोड़ का डिमांड नोटिस खत्म हो गया है, जिसे पहले एक कंटीजेंट लायबिलिटी (contingent liability) माना जा रहा था।
आगे क्या उम्मीद करें?
- रेवेन्यू पाइपलाइन: ₹172 करोड़ के इन ऑर्डर्स से अगले 15 महीने के लिए कंपनी के रेवेन्यू में स्पष्टता आई है।
- फाइनेंशियल हेल्थ: ₹73 करोड़ के टैक्स डिस्प्यूट के सुलझने से कंपनी की फाइनेंशियल क्लैरिटी और मजबूत हुई है।
- कैपेसिटी यूटिलाइजेशन: इन नए ऑर्डर्स से कंपनी की नई और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का बेहतर इस्तेमाल होगा।
- मार्केट पोजिशन: यह जीत भारत में सोलर मॉड्यूल सप्लायर के तौर पर Websol Energy की स्थिति को और मजबूत करती है।
जोखिमों पर भी रखें नजर
- फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट्स: कंपनी द्वारा जारी की गई जानकारी में भविष्य को लेकर की गई बातें रेगुलेटरी बदलावों, मार्केट कंडीशंस और इकोनॉमिक फैक्टर्स के अधीन हैं।
- प्रमोटर प्लेजिंग: प्रमोटर्स के 88.12% शेयर प्लेज (pledged) पर होना निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
- ऐतिहासिक परफॉरमेंस: कंपनी का पिछला फाइनेंशियल परफॉरमेंस अनियमित रहा है और अतीत में घाटा भी दर्ज किया गया है।
- पीयर कंपैरिजन: जहां Websol को ये ऑर्डर मिले हैं, वहीं दूसरी ओर हाल ही में अमेरिकी सरकार ने भारतीय सोलर इम्पोर्ट पर 126% तक के प्रीलिमनरी ड्यूटी (preliminary duty) का प्रस्ताव रखा है। इससे Waaree Energies और Vikram Solar जैसे बड़े प्लेयर्स प्रभावित हुए हैं, जबकि Websol, जो अमेरिका को एक्सपोर्ट नहीं करता, इस जियोपॉलिटिकल प्रेशर से बची हुई है।
आगे क्या देखना है?
- ऑर्डर एग्जीक्यूशन: मई 2026 तक 85.5 MW सोलर मॉड्यूल की समय पर और कुशल डिलीवरी पर नजर रखें।
- फ्यूचर ऑर्डर पाइपलाइन: कंपनी के नए ऑर्डर जीतने की गति पर ध्यान दें।
- कैपेसिटी एक्सपेंशन: नई मैन्युफैक्चरिंग लाइनों के चालू होने और प्लांट की कैपेसिटी बढ़ने की प्रगति पर नज़र रखें।
- फाइनेंशियल परफॉरमेंस: कंपनी के प्रॉफिट और कैश फ्लो में निरंतर सुधार को ट्रैक करें।