Vikram Solar का बड़ा दांव: Jupiter से ₹2000 करोड़ के सोलर सेल
Vikram Solar Limited ने सोलर एनर्जी सेक्टर में अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को और मजबूत करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। कंपनी ने Jupiter International Limited के साथ लगभग ₹2000 करोड़ की एक बड़ी खरीद डील (Procurement Deal) फाइनल की है।
इस समझौते के तहत, Vikram Solar, Jupiter International से 2 गीगावाट (GW) की हाई-एफिशिएंसी टॉपकॉन (TopCon) और मोनो पर्ल्स (mono PERC) सोलर सेल खरीदेगी। यह डील 20 फरवरी, 2026 को फाइनल हुई है, जो भविष्य की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह डील Vikram Solar के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह कंपनी के डोमेस्टिक सप्लाई चेन को काफी मजबूती देगी और जरूरी कंपोनेंट्स की सप्लाई को पक्का करेगी। साथ ही, ये सभी सोलर सेल ALMM (Approved List of Models and Manufacturers) के तहत अप्रूव्ड हैं, जो भारत सरकार के नियमों के अनुसार जरूरी हैं। इससे कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं और बढ़ेंगी।
Vikram Solar Limited, जो कि एक प्रमुख इंडियन सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर और ईपीसी (EPC) प्रोवाइडर है, अगस्त 2025 में ही पब्लिक हुई थी। कंपनी की सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी 9.5 GW तक पहुंच चुकी है। वहीं, कोलकाता स्थित Jupiter International Limited ने सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग में तेजी से कदम बढ़ाए हैं और अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाने पर फोकस कर रही है। Jupiter International की हाल ही में 1 GW की मोनो पर्ल्स सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी चालू हुई है और 1.25 GW की टॉपकॉन लाइनें भी लग रही हैं।
इस डील का सीधा मतलब है कि Vikram Solar को अब जरूरी सोलर सेल की सप्लाई की सुरक्षा मिलेगी, जिससे प्रोडक्शन में संभावित बाधाओं को कम किया जा सकेगा। यह डोमेस्टिक कंपोनेंट्स पर कंपनी के फोकस को भी दर्शाता है और हाई-एफिशिएंसी सेल मिलने से कंपनी आधुनिक और बेहतर क्वालिटी के सोलर मॉड्यूल बना पाएगी।
हालांकि, एक ही सप्लायर से इतनी बड़ी मात्रा में खरीद पर निर्भरता कंपनी के लिए एक रिस्क फैक्टर भी हो सकती है, अगर Jupiter International को कभी प्रोडक्शन में कोई समस्या आती है।
इस कॉम्पिटिटिव मार्केट में, जहां Waaree Energies (जिसकी मॉड्यूल कैपेसिटी ~15 GW और सेल कैपेसिटी ~5.4 GW है), Adani Solar (जो 4 GW से 10 GW तक स्केलिंग कर रही है) और Premier Energies (जिसकी सेल कैपेसिटी 3.2 GW और मॉड्यूल 6 GW है) जैसी कंपनियां भी अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी तेजी से बढ़ा रही हैं, यह डील Vikram Solar की सप्लाई चेन को मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति को उजागर करती है।
आगे निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि Vikram Solar इन खरीदे गए सेल्स को अपने मॉड्यूल प्रोडक्शन में कितनी सुगमता से इंटीग्रेट करती है, Jupiter International द्वारा सप्लाई की क्वालिटी और समय पर डिलीवरी कैसी रहती है, और क्या कंपनी भविष्य में अपने सप्लायर बेस को और डायवर्सिफाई करेगी।