सेल्स में धमाकेदार बढ़ोतरी
कंपनी ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए ₹597.93 करोड़ का कंसोलिडेटेड सेल्स रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹379.62 करोड़ की तुलना में 57.5% की जोरदार बढ़ोतरी है। इस शानदार ग्रोथ का मुख्य श्रेय सब्सिडियरी ALCU Industries Private Limited से शुरू हुए नए प्रोडक्शन को जाता है। नतीजों के बाद, कंपनी के शेयर में 4.24% का उछाल आया और यह ₹55.78 पर पहुंच गया।
प्रतिस्पर्धियों को छोड़ा पीछे, वैल्यूएशन पर है सबकी नजर
Vidya Wires की 57.5% की सेल्स ग्रोथ ने बड़े दिग्गजों Polycab India (जिसकी ग्रोथ 15% रही) और KEI Industries (जिसकी ग्रोथ 18% रही) को काफी पीछे छोड़ दिया है। यह आक्रामक विस्तार तब हो रहा है जब भारत का इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स सेक्टर अगले पांच सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और डोमेस्टिक डिमांड के चलते सालाना 10-12% की दर से बढ़ने का अनुमान है। Vidya Wires का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो लगभग 35x है, जो KEI Industries (40x) से थोड़ा ऊपर और Polycab India (45x) से थोड़ा नीचे है। यह दिखाता है कि मार्केट कंपनी से भविष्य में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है।
रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद प्रॉफिटेबिलिटी में आई कमी
हालांकि रेवेन्यू में बंपर ग्रोथ आई है, लेकिन कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बढ़ा है। ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन Q4 FY26 में घटकर 22% रह गया, जो पिछले साल 24% था। इसी तरह, नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 9.5% से गिरकर 8% पर आ गया। यह इशारा करता है कि ALCU Industries से बढ़ी हुई वॉल्यूम शायद बढ़ी हुई लागतों या कम प्राइसिंग के साथ आई है, जिससे कंपनी की एफिशिएंसी पर असर पड़ा है।
बढ़ता कर्ज बना फाइनेंशियल रिस्क
Vidya Wires के आक्रामक विस्तार, जिसमें ALCU Industries का इंटीग्रेशन भी शामिल है, ने कंपनी के फाइनेंशियल लेवरेज को बढ़ा दिया है। मार्च 2026 तक, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1.2x है, जो Polycab India के 0.8x की तुलना में काफी ज्यादा है। यह बढ़ा हुआ कर्ज, अगर रेवेन्यू ग्रोथ धीमी पड़ती है या इंटरेस्ट रेट्स बढ़ते हैं, तो फाइनेंशियल रिस्क को बढ़ा सकता है। पिछले विस्तारों से यह भी देखा गया है कि शुरुआती सेल्स बूस्ट हमेशा लंबे समय तक चलने वाले प्रॉफिट में तब्दील नहीं होते। ALCU Industries से सालाना लगभग ₹300 करोड़ का रेवेन्यू जुड़ने की उम्मीद है, लेकिन इसके ऑपरेशनल खर्चों और प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ने वाले संभावित असर पर बारीकी से नजर रखनी होगी। मौजूदा वैल्यूएशन यह संकेत देता है कि मार्केट भविष्य में बड़ी सफलता की उम्मीद कर रहा है, जिससे कंपनी गलतियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती है।
ब्रोकरेज की राय और पूरे साल के नतीजे
ब्रोकरेज हाउसेज की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रिया है। Market Insights ने वैल्यूएशन संबंधी चिंताओं और घटते मार्जिन को देखते हुए स्टॉक पर 'Hold' रेटिंग और ₹60 का टारगेट प्राइस दिया है। जबकि ALCU Industries एक बड़ा रेवेन्यू ड्राइवर साबित होने की उम्मीद है, मैनेजमेंट के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस बढ़े हुए स्केल को पीयर्स (प्रतिद्वंद्वियों) की तुलना में बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी और मजबूत बैलेंस शीट में बदलना होगा। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, प्रोविजनल सेल्स ₹1,834.74 करोड़ रही, जो पिछले साल से 24.4% ज्यादा है।