डीमर्जर के बाद शेयर में जबरदस्त उछाल
Vedanta के शेयर में आज कमाल की तेजी देखने को मिली। स्टॉक 4.2% बढ़कर ₹316.90 पर पहुंच गया, जो डीमर्जर के बाद की सबसे ऊंची क्लोजिंग है। पिछले तीन सेशन से लगातार तेजी का सिलसिला जारी है, जिसमें स्टॉक 17% चढ़ चुका है। अप्रैल 2026 के अपने निचले स्तर ₹268.70 से यह 18% सुधर चुका है। बुधवार, 6 मई 2026 की दोपहर तक, शेयर 3% से ज्यादा की बढ़त पर कारोबार कर रहे थे, जो BSE Sensex की मामूली बढ़त से काफी बेहतर प्रदर्शन है। एक्सचेंजों पर 4.84 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर ट्रेड हुए, जो निवेशकों की भारी दिलचस्पी को दर्शाते हैं।
डीमर्जर का स्ट्रक्चर और ब्रोकरेज की राय
1 मई 2026 से प्रभावी हुए इस डीमर्जर ने Vedanta को पांच अलग-अलग कंपनियों में बांटा है: Vedanta Aluminium, Vedanta Power, Vedanta Oil & Gas, Vedanta Iron & Steel, और बची हुई Vedanta एंटिटी। इसका मकसद हर बिजनेस के लिए अलग ग्रोथ स्ट्रैटेजी और निवेशक आधार तैयार करना है। हर शेयर के बदले शेयरधारकों को चार नई कंपनियों में एक-एक शेयर मिला है, जबकि बची हुई एंटिटी के पास Hindustan Zinc, Zinc International और कॉपर कारोबार की बड़ी हिस्सेदारी है। ICICI Securities का अनुमान है कि डीमर्ज्ड Vedanta एंटिटी ₹300-325 प्रति शेयर तक जा सकती है, जिसका बड़ा हिस्सा Hindustan Zinc में उसकी हिस्सेदारी से आएगा। Vedanta Aluminium को एक खास आकर्षक सेगमेंट माना जा रहा है, जिसके बारे में एनालिस्ट्स का कहना है कि फेवरेबल ग्लोबल सप्लाई और बढ़ती कैपेसिटी के चलते यह ₹400 प्रति शेयर से ज्यादा पर लिस्ट हो सकती है।
दमदार फाइनेंशियल नतीजे और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस
Vedanta ने FY26 में शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस दर्ज की है। कंसॉलिडेटेड EBITDA बढ़कर ₹55,976 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹43,541 करोड़ था। यह उछाल फेवरेबल कमोडिटी प्राइस और कॉस्ट एफिशिएंसी, खासकर एल्युमिनियम और जिंक सेगमेंट में, के कारण आया है। यह मजबूत परफॉर्मेंस FY27 में भी जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि मेटल की कीमतें अच्छी रहने, कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोजेक्ट्स के पूरा होने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार की उम्मीद है। कंपनी के बैलेंस शीट में भी सुधार हुआ है, जिसका नेट डेट टू EBITDA रेशियो Q4 FY26 में 0.95x रहा, जो पिछले साल 1.2x था। FY26 के लिए एल्युमिनियम और जिंक इंडिया में रिकॉर्ड प्रोडक्शन दर्ज किया गया।
मार्केट के पॉजिटिव संकेत और कमोडिटी की चाल
भारत का मेटल और माइनिंग सेक्टर FY26 में ग्रोथ के लिए तैयार है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, सरकारी खर्च और फेवरेबल ग्लोबल मैक्रो फैक्टर्स इस सेक्टर को बढ़ावा दे रहे हैं। मेटल इंडस्ट्री को स्टील, एल्युमिनियम और कॉपर की बढ़ती मांग की उम्मीद है। ग्लोबल एल्युमिनियम प्राइस 2026 में $3,200-3,400 प्रति टन के बीच रहने का अनुमान है। जिंक की कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना है।
चुनौतियाँ: कर्ज का बंटवारा, निर्भरता और लिस्टिंग की अनिश्चितता
सकारात्मक बाजार प्रतिक्रिया और मजबूत नतीजों के बावजूद, डीमर्जर के बाद की स्ट्रक्चर में कुछ बड़ी चुनौतियाँ हैं। FY26 के अंत तक Vedanta का कंसॉलिडेटेड नेट डेट ₹53,400 करोड़ था, जिसमें से करीब ₹32,700 करोड़ Vedanta Aluminium को आवंटित किया गया है, जो इसे नई एंटिटीज में सबसे बड़ा डेट होल्डर बनाता है। हालांकि, एल्युमिनियम जैसे बिज़नेस के लिए मजबूत कैश फ्लो के कारण लीवरेज रेशियो मैनेजेबल रहने की उम्मीद है। Vedanta Power सेगमेंट सबसे ज्यादा लीवरेज्ड है, जिसका नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो करीब 4.7x है। हिंदुस्तान जिंक जैसी संपत्तियों वाली बची हुई Vedanta एंटिटी पर करीब $1 बिलियन का नेट डेट होने की उम्मीद है, लेकिन इसका ओवरऑल वैल्यू Hindustan Zinc के प्रदर्शन और डिविडेंड पर बहुत निर्भर करेगा। इसके अलावा, डेट का जटिल बंटवारा और चार एंटिटीज के अगले एक से दो महीनों में लिस्ट होने की उम्मीद, निवेशकों के लिए नियर-टर्म अनिश्चितता पैदा कर रही है।
एनालिस्ट्स का नज़रिया और आगे का रास्ता
Vedanta Limited पर ज्यादातर एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं। 14 में से 11 एनालिस्ट्स खरीदारी की सलाह दे रहे हैं, जिनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹786.79 है। Nuvama Institutional Equities ने डीमर्ज्ड Vedanta एंटिटी के लिए ₹336 का टारगेट प्राइस दिया है। ICICI Direct का अनुमान है कि सभी एंटिटीज को मिलाकर प्रति शेयर वैल्यू ₹820 हो सकती है। कंपनी मैनेजमेंट ने डेट कम करने पर जोर दिया है और Vedanta Resources के डेट को अगले तीन सालों में $3 बिलियन तक लाने की योजना है। डीमर्ज्ड एंटिटीज के मिड-जून तक लिस्ट होने की उम्मीद है, जिससे इंडिविजुअल बिज़नेस वैल्यूएशन और ग्रोथ की संभावनाओं पर और क्लैरिटी मिलेगी।
