Vedanta का डीमर्जर: नई कंपनियाँ और शेयरहोल्डर्स को मिली हिस्सेदारी
30 अप्रैल, 2026 को Vedanta के शेयर डीमर्जर के बाद ₹289.50 पर ट्रेड होने लगे और NSE पर ₹271.50 पर क्लोज हुए। यह पिछले क्लोजिंग ₹773.60 से एक उल्लेखनीय गिरावट थी, क्योंकि इस कदम से कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को अलग-अलग किया और वैल्यू शेयरहोल्डर्स में बांटी। 4 मई, 2026 तक शेयर लगभग ₹288.75 पर स्थिर हो गए थे, जिससे नई वैल्यूएशन पर निवेशकों की रुचि का पता चलता है। इस डीमर्जर के तहत, Vedanta के दो मिलियन से अधिक शेयरहोल्डर्स को चार नई कंपनियों - Vedanta Aluminium Metal, Vedanta Power, Vedanta Oil & Gas, और Vedanta Iron & Steel - में सीधे हिस्सेदारी मिलेगी। उन्हें पेरेंट कंपनी के हर शेयर के बदले इन सभी नई एंटिटीज़ का एक-एक शेयर मिलेगा। ये शेयर लिस्टिंग से पहले डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। Vedanta का लक्ष्य एक्सचेंज की मंजूरी मिलने के बाद जून के मध्य तक इन नई एंटिटीज़ की लिस्टिंग कराना है। बाकी बची Vedanta Ltd, जो जिंक, सिल्वर और बेस मेटल्स पर फोकस करेगी, उसने Q4 FY26 में ₹9,352 करोड़ का रिकॉर्ड PAT (Profit After Tax) और 29% ईयर-ओवर-ईयर रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है।
वैल्यू अनलॉक की उम्मीद और तुलनात्मक वैल्यूएशन
डीमर्जर के बाद Vedanta Ltd के स्टॉक में शुरुआती गिरावट अक्सर देखी जाती है, लेकिन यह सभी अलग-अलग एंटिटीज़ की कुल संभावित वैल्यू को पूरी तरह से नहीं दर्शाती। कुछ एनालिस्ट्स का अनुमान है कि सभी एंटिटीज़ की संयुक्त वैल्यू ₹800 प्रति शेयर से अधिक हो सकती है। उदाहरण के लिए, Vedanta Aluminium Metal की तुलना Hindalco Industries (P/E ~14.50-14.60) और National Aluminium Company (NALCO) (P/E ~12.61-13.12) जैसी कंपनियों से की जा सकती है। जिंक, सिल्वर और बेस मेटल्स पर केंद्रित Vedanta Ltd की तुलना Hindustan Zinc (P/E ~18.22-18.49, ROE ~87.85%) से होती है। वहीं, Iron & Steel डिवीजन JSW Steel (P/E ~37.19-41.79) और Tata Steel (P/E ~28.72-29.94) जैसे दिग्गजों के बराबर है। Oil & Gas बिजनेस ONGC (P/E ~8.54-9.89) सेक्टर में है। यह विभाजन हर बिजनेस को अपनी ग्रोथ पर फोकस करने और खास निवेशक का ध्यान आकर्षित करने का मौका देता है, जिससे कुल मार्केट वैल्यू बढ़ सकती है।
जोखिम: कर्ज, गवर्नेंस और मार्केट वोलेटिलिटी
हालांकि, इस वैल्यू अनलॉक प्लान के साथ कुछ महत्वपूर्ण जोखिम भी जुड़े हैं। Vedanta Resources, जो कि पेरेंट कंपनी है, पर भारी कर्ज है। अप्रैल 2026 तक इसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो 200%-300% (2.57x TTM) था, जो Hindalco Industries के 0.56 की तुलना में काफी ज्यादा है। पिछले साल (जुलाई 2025) की रिपोर्ट्स में Vedanta Resources पर Vedanta Ltd से फंड निकालकर कर्ज चुकाने के आरोप भी लगे थे, जिससे कुछ चिंताएं बढ़ी थीं। JPMorgan ने Vedanta के लीवरेज और Hindustan Zinc पर सरकारी निगरानी को लेकर कुछ सहजता जताई है, लेकिन चिंताएं बनी हुई हैं। 2026 में मेटल्स के लिए कमोडिटी मार्केट का आउटलुक EV और इंफ्रास्ट्रक्चर डिमांड के कारण पॉजिटिव दिख रहा है, लेकिन मिडिल ईस्ट के जियोपॉलिटिकल इश्यूज, एनर्जी प्राइसेस में उतार-चढ़ाव और इनपुट कॉस्ट्स का दबाव भी है। नई एंटिटीज़ को इन साइक्लिकल मार्केट्स में नेविगेट करना होगा और अपने कर्ज को स्वतंत्र रूप से मैनेज करना होगा, जो अतीत के गवर्नेंस इश्यूज और प्रमोटर प्लेजिंग से और जटिल हो सकता है।
एनालिस्ट्स की राय और आगामी लिस्टिंग्स
एनालिस्ट्स का बाकी बची Vedanta Ltd के लिए सेंटीमेंट सतर्कता से पॉजिटिव है। SBI Securities के Sunny Agrawal ने 'Buy' की सलाह दी है और जिंक बिजनेस की लागत नेतृत्व (cost leadership) के कारण ₹320-₹330 का फेयर वैल्यू अनुमान लगाया है। यह ग्लोबल सेक्टर ट्रेंड्स के बीच है, जहां 2026 में कमोडिटी मार्केट्स 16% (मेटल्स +17%) और एनर्जी प्राइसेस 24% बढ़ने का अनुमान है। जून के मध्य तक होने वाली डीमेर्जेड एंटिटीज़ की लिस्टिंग इन स्पेशलाइज्ड व्यवसायों के प्रति निवेशकों की भूख और उनके भविष्य की संभावनाओं के महत्वपूर्ण इंडिकेटर होंगे।
