Vedanta Group ने अब एक प्रोफेशनल मैनेजमेंट मॉडल अपनाने का फैसला किया है। कंपनी ने अगले तीन सालों में प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए **$25 बिलियन** के निवेश की योजना बनाई है, जिसका लक्ष्य मार्केट वैल्यू को **$100 बिलियन** तक ले जाना है।
मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव
फाउंडर अनिल अग्रवाल की लीडरशिप वाली Vedanta Group अब एक नई दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी ने अब पूरी तरह से प्रोफेशनल लीडरशिप मॉडल पर शिफ्ट होने का ऐलान किया है, जहाँ स्वतंत्र एग्जीक्यूटिव्स रोजमर्रा के कामकाज को संभालेंगे। हालांकि अग्रवाल परिवार होल्डिंग कंपनी के जरिए 54% हिस्सेदारी के साथ कंट्रोल अपने पास रखेगा, लेकिन यह बदलाव कॉरपोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाने के लिए किया गया है। मौजूदा समय में कंपनी की मार्केट वैल्यू करीब $55 बिलियन है, जिसे कंपनी अब $100 बिलियन तक पहुँचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
$25 बिलियन का एक्सपेंशन प्लान
ग्रुप ने आने वाले 3 सालों में $25 बिलियन का भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार किया है। इस फंड का इस्तेमाल एल्युमीनियम, कॉपर, जिंक, लेड और सिल्वर जैसे सेक्टर्स में प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा। साथ ही, कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी और पावर ट्रांसमिशन में भी बड़ा दांव लगा रही है। कंपनी का टारगेट अपनी सालाना रेवेन्यू को मौजूदा $30 बिलियन से बढ़ाकर अगले दो सालों में $50 बिलियन तक ले जाना है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल कंपनी की बैलेंस शीट का है। भारी निवेश से कर्ज (Debt) का बोझ बढ़ने का डर रहता है, जिस पर मार्केट की नजर बनी रहेगी। चूंकि माइनिंग सेक्टर ग्लोबल कमोडिटी कीमतों के उतार-चढ़ाव पर निर्भर है, इसलिए इतनी बड़ी कैपेक्स (Capex) को सही तरीके से मैनेज करना एक बड़ी चुनौती होगी। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी अपनी वित्तीय सेहत को दुरुस्त रखते हुए इस निवेश को कैसे पूरा करती है और क्या यह योजना कंपनी के मुनाफे पर असर डालेगी या नहीं।
