सितंबर तिमाही में Vedanta Iron and Steel का नेट लॉस घटकर **₹324 करोड़** रह गया है। कंपनी ने खर्चों में **9%** की कटौती की है और स्टील प्रोडक्शन में **4%** की बढ़ोतरी दर्ज की है, जिसका सीधा असर मुनाफे पर दिख रहा है।
मुनाफे के मोर्चे पर राहत
कंपनी ने बीते साल की समान तिमाही के ₹477 करोड़ के घाटे के मुकाबले इस बार बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि, मानसून के कारण आयरन ओर (Iron Ore) की सप्लाई में आई दिक्कतों और प्लांट में मेंटेनेंस वर्क के चलते ऑपरेशनल मोर्चे पर चुनौती जरूर रही, लेकिन कंपनी ने खर्चों को ₹3,129 करोड़ तक सीमित रखकर स्थिति को संभाला।
प्रोडक्शन और मार्जिन का गणित
ऑपरेशनल चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने स्टील प्रोडक्शन में 4% का इजाफा करते हुए इसे 5,32,000 टन तक पहुंचा दिया। इसका नतीजा यह रहा कि EBITDA 56% बढ़कर ₹83 करोड़ हो गया और मार्जिन में 112 बेसिस पॉइंट्स का सुधार देखा गया।
फाइनेंशियल सेहत और कर्ज का दबाव
चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में रेवेन्यू 8% बढ़कर ₹6,450 करोड़ पहुंच गया है। कंपनी पर नेट डेट (Net Debt) फिलहाल ₹2,763 करोड़ है, जो पिछली तिमाही के ₹2,733 करोड़ से थोड़ा ज्यादा है। स्टील सेक्टर की कंपनियों के लिए कर्ज का प्रबंधन बेहद जरूरी है क्योंकि ब्याज का बोझ सीधे नेट प्रॉफिट पर चोट करता है। फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी आने वाली तिमाहियों में इन मार्जिन्स को बरकरार रख पाती है। खबर के असर के बीच शेयर ₹28 पर बंद हुआ।
