Vedanta Iron & Steel Share Price: प्रोडक्शन में 8% ग्रोथ, शेयर में 5% की तूफानी तेजी!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Vedanta Iron & Steel Share Price: प्रोडक्शन में 8% ग्रोथ, शेयर में 5% की तूफानी तेजी!

Vedanta Iron & Steel (VISL) के शेयर में आज **5%** का अपर सर्किट लगा और यह **₹34.68** पर पहुंच गया। कंपनी ने डी-मर्जर के बाद अपनी पहली प्रोडक्शन रिपोर्ट जारी की है, जिसमें पिग आयरन प्रोडक्शन में **8%** की सालाना बढ़त देखी गई है।

Vedanta Iron & Steel के शेयर में आई जोरदार तेजी!

Vedanta Iron & Steel Ltd (VISL) के शेयरों में शुक्रवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कंपनी के शेयर 5% का अपर सर्किट छूकर NSE पर ₹34.68 पर बंद हुए। यह तेजी कंपनी के डी-मर्जर के बाद आई पहली प्रोडक्शन रिपोर्ट के बाद आई है, जिसने निवेशकों को खुश कर दिया। दरअसल, कंपनी की पेरेंट एंटिटी Vedanta Ltd से अलग होने के बाद यह पहला मौका है जब उसके आयरन ओर और स्टील एसेट्स के ऑपरेशनल परफॉरमेंस का पूरा लेखा-जोखा सामने आया है।

प्रोडक्शन के आंकड़े क्या कहते हैं?

कंपनी ने जून 2026 क्वार्टर के लिए कुल पिग आयरन प्रोडक्शन 291 किलोटन (KT) दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 8% ज्यादा है और पिछली तिमाही के मुकाबले 5% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं, गोवा फैसिलिटी में हॉट मेटल प्रोडक्शन में भी 12% का सालाना इजाफा हुआ है, जो पिछली तिमाही से 11% ज्यादा होकर 238 KT पर पहुंच गया है। ये आंकड़े निवेशकों को कंपनी की इंडिपेंडेंट ऑपरेशनल एफिशिएंसी का अंदाजा दे रहे हैं।

माइनिंग ऑपरेशन्स का मिला-जुला हाल

हालांकि, कंपनी के आयरन ओर माइनिंग ऑपरेशन्स का हाल मिला-जुला रहा। गोवा की खदानों से प्रोडक्शन में 166% का शानदार इजाफा हुआ और यह 0.6 मिलियन ड्राई मीट्रिक टन (DMT) पर पहुंच गया। लेकिन, यह मार्च 2026 क्वार्टर के 0.9 मिलियन DMT के मुकाबले कम है। दूसरी ओर, कर्नाटक ऑपरेशन्स पर दबाव बढ़ा है, जहां प्रोडक्शन सालाना 46% और पिछली तिमाही के मुकाबले 28% घटकर 0.9 मिलियन DMT रह गया है।

ये रीजनल अंतर निवेशकों के लिए अहम हैं, क्योंकि आयरन ओर का आउटपुट सीधे कंपनी की स्टील मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए कच्चे माल की उपलब्धता को प्रभावित करता है। मैनेजमेंट की कर्नाटक और गोवा दोनों जगह प्रोडक्शन को स्टेबल रखने की क्षमता भविष्य में कंपनी के मार्जिन पर बड़ा असर डालेगी। अब एक स्टैंडअलोन एंटिटी के तौर पर, शेयरहोल्डर्स इस बात पर भी नजर रखेंगे कि कंपनी बड़े पेरेंट ग्रुप के सपोर्ट के बिना अपने कैपिटल स्ट्रक्चर और डेट को कैसे मैनेज करती है।

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