Vedanta Limited ने भारत की EV सप्लाई चेन को मजबूती देने के लिए **₹21,000 करोड़** से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल कॉपर और निकल जैसे क्रिटिकल मिनरल्स के उत्पादन को बढ़ाने में करेगी।
उत्पादन बढ़ाने पर जोर
कंपनी ने FY26 तक का लक्ष्य तय किया है, जिसके तहत एल्युमीनियम, कॉपर, जिंक और निकल जैसे जरूरी कमोडिटीज का घरेलू उत्पादन बढ़ाया जाएगा। वेदांता 10 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स को विकसित कर रही है, जिनमें से 5 पर काम पहले ही शुरू हो चुका है। इस कदम से भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी और बैटरी टेक्नोलॉजी व एनर्जी स्टोरेज के क्षेत्र में नई ऊर्जा आएगी।
फाइनेंशियल हेल्थ और कर्ज में कटौती
कंपनी अपने बैलेंस शीट को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का EBITDA ₹55,976 करोड़ रहा, जबकि नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो 0.95x पर दर्ज किया गया। कंपनी ने FY27 में अपना कुल ग्रुप डेट ₹20,000 करोड़ से ज्यादा घटाने का लक्ष्य रखा है।
बड़ा बदलाव: कंपनी का डीमर्जर
निवेशकों की नजर कंपनी के उस प्लान पर भी है, जिसके तहत वेदांता 5 अलग-अलग लिस्टेड एंटिटीज में बटने वाली है। इस डीमर्जर का मकसद हर बिजनेस यूनिट को आत्मनिर्भर बनाना और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाना है। हालांकि, ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रेगुलेटरी क्लीयरेंस जैसे रिस्क अभी भी बने हुए हैं, जिन पर निवेशकों को पैनी नजर रखनी चाहिए।
