Vedanta Share Price: Vedanta ने जुटाई ₹3,000 करोड़ की रकम, ब्रोकरेज ने दिया 'Buy' रेटिंग, ₹840 तक जा सकता है शेयर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Vedanta Share Price: Vedanta ने जुटाई ₹3,000 करोड़ की रकम, ब्रोकरेज ने दिया 'Buy' रेटिंग, ₹840 तक जा सकता है शेयर
Overview

Vedanta Limited के निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी ने ₹3,000 करोड़ का फंड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए जुटाने का ऐलान किया है। इसी के साथ, ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस BofA Securities ने स्टॉक पर अपना भरोसा जताते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹840 कर दिया है।

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फंड जुटाने का फैसला और ब्रोकरेज का भरोसा

Vedanta के बोर्ड ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹3,000 करोड़ तक की राशि जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह पैसा अनसिक्योर्ड, रेटेड, लिस्टेड, रिडीमेबल, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए आएगा। इस वित्तीय कदम का मुख्य मकसद कंपनी की पूंजीगत संरचना को और मजबूत करना है।

बाजार की उम्मीदों के अनुरूप, BofA Securities ने Vedanta के शेयर पर अपनी रेटिंग को 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'बाय' कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक के लिए टारगेट प्राइस को ₹480 से बढ़ाकर ₹840 कर दिया है, जो कि मौजूदा भाव से करीब 75% की बढ़ोतरी दर्शाता है। BofA का यह सकारात्मक रुख एल्युमीनियम और चांदी की कीमतों पर उनके बुलिश (तेजी के) अनुमानों और वेदांता की आकर्षक 6% के करीब डिविडेंड यील्ड से प्रेरित है।

ब्रोकरेज ने यह भी नोट किया कि पैरेंट कंपनी स्तर पर किया गया डीलेवरेजिंग (कर्ज कम करना) इंटर-कॉर्पोरेट लोन पर ब्रांड-फी दरों में संभावित वृद्धि से जुड़े जोखिम को कम करता है। BofA ने फाइनेंशियल ईयर 2026-2028 के लिए Vedanta के EBITDA अनुमानों को 16-21% तक बढ़ा दिया है, जिसमें एल्युमीनियम की ऊंची कीमतों, हिंदुस्तान जिंक के बेहतर वैल्यूएशन, मुद्रा में कमजोरी और होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट में कमी को शामिल किया गया है।

शेयर में दिख रहा असर

इस सकारात्मक खबरों के चलते Vedanta का शेयर आज 4.09% बढ़कर ₹723.55 पर कारोबार कर रहा है। यह स्टॉक इस साल की शुरुआत से ही अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और फरवरी 2026 के अंत तक यह पहले ही 20% का उछाल दर्ज कर चुका है।

सेक्टर की मजबूती और कंपनी की पोजिशन

भारतीय मेटल्स और माइनिंग सेक्टर 2026 में अच्छी ग्रोथ के लिए तैयार दिख रहा है। ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर्स, मजबूत घरेलू मांग और सरकारी नीतियां जैसे सेफगार्ड ड्यूटी इस सेक्टर को बढ़ावा दे रही हैं। HSBC ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च का भी इस सेक्टर के लिए सकारात्मक आउटलुक है। सरकार द्वारा FY26 के लिए ₹11.21 ट्रिलियन का कैपिटल एक्सपेंडिचर भी मेटल्स की मांग को सीधे तौर पर बढ़ाएगा।

Vedanta अपने विविध ऑपरेशंस के कारण इस माहौल में अच्छी स्थिति में है। खासकर एल्युमीनियम बिजनेस, जो BofA के अपग्रेड का एक मुख्य कारण है, सप्लाई की तंगी और बढ़ती कीमतों से लाभान्वित होने की उम्मीद है। वहीं, हिंदुस्तान जिंक के जरिए कंपनी का जिंक बिजनेस भी लगातार मजबूत योगदान दे रहा है।

हालांकि, Vedanta का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 190.3% (एक मीट्रिक के अनुसार) या TTM बेसिस पर लगभग 2.57 रहा है, लेकिन कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज रेशियो 5.7 है। प्रतिस्पर्धियों की तुलना में Vedanta का P/E रेशियो 16.41 है, जो हिंदुस्तान जिंक (21.42) से कम है, लेकिन हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (12.90) और भारत वायर रोप्स (12.57) से थोड़ा अधिक है।

जोखिम और चिंताएं (Bear Case)

सकारात्मक एनालिस्ट सेंटीमेंट और कमोडिटी आउटलुक के बावजूद, Vedanta के वित्तीय ढांचे में कुछ अंतर्निहित जोखिम हैं। इसका उच्च डेट-टू-इक्विटी रेशियो, जो 190.3% तक जाता है, कर्ज पर महत्वपूर्ण निर्भरता को दर्शाता है। हालांकि वर्तमान में इंटरेस्ट कवरेज रेशियो ठीक है, लेकिन इक्विटी का एक बड़ा हिस्सा कर्ज से वित्तपोषित है, जो आर्थिक मंदी या कमोडिटी की कीमतों में गिरावट के दौरान एक जोखिम भरी स्थिति हो सकती है। पिछले पांच सालों में यह रेशियो बढ़ा है और मार्च 2024 में 244.7% के शिखर पर पहुंच गया था।

इसके अलावा, Vedanta का डिविडेंड इतिहास अस्थिर रहा है, जो कमोडिटी साइकिल्स को दर्शाता है। ऐसे में, 6% के करीब डिविडेंड यील्ड, साइकिल्स के निचले स्तरों पर टिकाऊ नहीं हो सकता है। जबकि BofA ने पैरेंट कंपनी पर कर्ज कम होने की बात कही है, ग्रुप को कुछ आरोपों का भी सामना करना पड़ा है, जिसमें एक अमेरिकी शॉर्ट-सेलर के आरोप शामिल हैं। कंपनी की शॉर्ट-टर्म संपत्ति उसकी शॉर्ट-टर्म देनदारियों को कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं है, जो लिक्विडिटी (नकदी) पर दबाव का संकेत देता है। कंपनी को परिचालन लागत की चुनौतियों और महत्वपूर्ण ऋण दायित्वों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिसमें लगभग $1.1 बिलियन का कुल प्रिंसिपल कर्ज चुकाना बाकी है।

भविष्य की राह

Vedanta का भविष्य का रास्ता एनालिस्टों की उम्मीदों, मेटल्स और माइनिंग सेक्टर के मजबूत आउटलुक और कंपनी द्वारा किए जा रहे वित्तीय समायोजनों से रोशन दिख रहा है। कंपनी की अपनी डीलेवरेजिंग योजनाओं को लागू करने और अनुकूल कमोडिटी कीमतों का फायदा उठाने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। बाजार इस बात पर नजर रखेगा कि NCD जारी करने की योजना उसके कुल कर्ज प्रोफाइल और लिक्विडिटी को कैसे प्रभावित करती है। एनालिस्टों की राय (15 में से 11 विश्लेषकों की 'बाय' रेटिंग) से पता चलता है कि निकट और मध्यम अवधि की संभावनाओं में विश्वास है, और BofA का ₹840 का टारगेट प्राइस मौजूदा स्तरों से काफी अच्छी बढ़त का संकेत देता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.