Vedanta के Q3 FY26 के नतीजे उम्मीदों से कहीं बेहतर रहे हैं। कंपनी ने ₹7,807 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले क्वार्टर के मुकाबले 124% ज्यादा है। यह ब्लूमबर्ग के अनुमान ₹5,582 करोड़ से काफी ऊपर है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी 17% बढ़कर ₹45,899 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
इस शानदार परफॉरमेंस की मुख्य वजह कंपनी के प्रमुख सेगमेंट्स में रिकॉर्ड प्रोडक्शन और बेहतर सेल्स रही। एल्युमिना (alumina) का उत्पादन 57% बढ़कर 794 किलोटन (kilotonnes) तक पहुंचा, जबकि माइन किए गए मेटल्स (mined metals) का उत्पादन Q3 में 4% बढ़कर 276 किलोटन रहा। खास तौर पर, जिंक (zinc) का प्रोडक्शन 28% बढ़ा। इसके अलावा, लौह अयस्क (iron ore) का उत्पादन 3% और 7% बढ़ा, स्टील (steel) प्रोडक्शन में 19% का तगड़ा ग्रोथ दिखा, और कॉपर (copper) आउटपुट भी 12% बढ़ा। नए प्लांट शुरू होने के बाद पावर सेल्स में भी 61% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। हाई लन्दन मेटल एक्सचेंज (LME) प्राइसेस, प्रीमियम प्राइसिंग और फॉरेन एक्सचेंज गेन ने भी रेवेन्यू बढ़ाने में मदद की।
इन दमदार नतीजों का असर शेयर पर भी दिखा। गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को, Vedanta का शेयर 2.5% चढ़कर बंद हुआ, और ट्रेडिंग वॉल्यूम भी औसत से ज्यादा रहा। कंपनी की बैलेंस शीट भी मजबूत हुई है, नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो सुधरकर 1.23x हो गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में 1.40x था। Vedanta का मार्केट कैप लगभग ₹60,000 करोड़ के आसपास है और इसका ट्रेलिंग बारह महीने का पी/ई रेश्यो (P/E ratio) करीब 10-12x है।
यह नतीजे भारतीय मेटल्स और माइनिंग सेक्टर के लिए एक पॉजिटिव संकेत हैं, हालांकि इनपुट कॉस्ट बढ़ने और ग्लोबल कमोडिटी प्राइसेस में उतार-चढ़ाव जैसी चिंताएं बनी हुई हैं। Vedanta के मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस और डेट घटाने के प्रयासों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।