Vedanta Aluminium ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड प्रोडक्शन दर्ज किया है, लेकिन बॉक्साइट लिंकेज पॉलिसी पर हाई कोर्ट के फैसले ने कंपनी के सामने कच्चे माल की चुनौती खड़ी कर दी है।
प्रोडक्शन का नया रिकॉर्ड
Vedanta Aluminium Metal Limited ने ऑपरेशनल फ्रंट पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में 649 KT एल्युमीनियम का उत्पादन किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 5% ज्यादा है। वहीं, एल्युमिना रिफाइनिंग के क्षेत्र में कंपनी ने 895 KT का आंकड़ा छू लिया है, जो कि 37% की जबरदस्त ग्रोथ दर्शाता है।
BALCO का विस्तार और भविष्य की रणनीति
इस ग्रोथ के पीछे सबसे बड़ी ताकत BALCO (Bharat Aluminium Company) यूनिट है। कंपनी ने यहाँ 525 kA स्मेल्टर पॉटलाइन के दूसरे ज़ोन को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। यह प्रोजेक्शन कंपनी की 435 KTPA की बड़ी विस्तार योजना का हिस्सा है, जिससे कंपनी ऑटोमोटिव सेक्टर की बढ़ती मांग को पूरा करने की तैयारी कर रही है।
कानूनी पेंच और कच्चे माल का संकट
ऑपरेशनल मजबूती के बावजूद निवेशक एक बड़े रेगुलेटरी बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं। ओडिशा हाई कोर्ट ने हाल ही में कंपनी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें राज्य की बॉक्साइट लिंकेज पॉलिसी को चुनौती दी गई थी। चूंकि बॉक्साइट एल्युमीनियम बनाने का मुख्य कच्चा माल है, इसलिए इस कानूनी फैसले से भविष्य में इसकी सप्लाई और लागत को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। अगर कच्चा माल महंगा होता है, तो कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
स्टॉक पर असर और रेटिंग
Vedanta Limited की पेरेंट कंपनी की क्रेडिट रेटिंग फिलहाल AA+/Stable है, जिसे CRISIL और ICRA ने बरकरार रखा है। हालांकि, बाजार का सेंटिमेंट अभी संभलकर चल रहा है। 1 अक्टूबर 2026 को कंपनी का शेयर ₹252.05 पर बंद हुआ था। निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कंपनी बॉक्साइट की सप्लाई चेन को कैसे मैनेज करती है।
