सुरत टेक्सटाइल में बंपर निवेश का मौका! VGRC समिट से बदलेगी 'सिल्क सिटी' की तकदीर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
सुरत टेक्सटाइल में बंपर निवेश का मौका! VGRC समिट से बदलेगी 'सिल्क सिटी' की तकदीर
Overview

सुरत में होने वाला वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ़्रेंस (VGRC) इस क्षेत्र के टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ा बूस्ट देने की तैयारी में है। इस इवेंट का मुख्य मकसद भारी इन्वेस्टमेंट आकर्षित करना और नई टेक्नोलॉजी को अपनाना है, ताकि 'सिल्क सिटी' अपनी ग्लोबल पोजीशन को और मजबूत कर सके।

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सुरत बनेगा टेक्सटाइल हब: VGRC का बड़ा प्लान

आने वाला वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ़्रेंस (VGRC) सुरत को टेक्सटाइल इन्वेस्टमेंट और इनोवेशन का एक बड़ा केंद्र बनाने का लक्ष्य रखता है। इस इवेंट का मकसद सीधा फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) को आकर्षित करना और टेक्सटाइल वैल्यू चेन में मौजूद अवसरों को उजागर करना है। सुरत की कामयाबी इस बात पर निर्भर करेगी कि वह ग्लोबल मार्केट की मांगों को कैसे पूरा करता है और टेक्नोलॉजी में बदलाव व सस्टेनेबिलिटी की बढ़ती जरूरतों के दौर में अपनी पोजीशन कैसे बनाए रखता है।

VGRC इवेंट का शेड्यूल और सुरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ़्रेंस (VGRC) 1 से 2 मई तक सुरत में आयोजित होगा। इसका उद्देश्य दक्षिण गुजरात, खासकर टेक्सटाइल सेक्टर में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है। इस इवेंट में भारी निवेश लाने, ग्लोबल खरीदारों और लोकल निर्माताओं के बीच सीधे लिंक बनाने और नई टेक्नोलॉजी को अपनाने को प्रमोट करने की योजना है। सुरत पहले से ही एक अहम भूमिका निभा रहा है, जहां हर दिन अनुमानित 5-6 करोड़ मीटर फैब्रिक बनता है और भारत का लगभग 90% आर्टिफिशियल सिल्क यहीं उत्पादित होता है। यह प्लेटफॉर्म सुरत को अपनी ग्लोबल पहचान को और मजबूत करने में मदद करेगा।

सुरत की टेक्सटाइल में धाक: MMF से एडवांस्ड मटीरियल्स तक

'सिल्क सिटी' के नाम से मशहूर सुरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री देश के टेक्सटाइल उत्पादन में बड़ा योगदान देती है। यह भारत के मैन-मेड फाइबर (MMF) का अनुमानित 40% उत्पादन करता है। इस सेक्टर का सालाना टर्नओवर ₹1.5 लाख करोड़ है और यह 18-20 लाख लोगों को रोजगार देता है। गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी 2024, जो अक्टूबर 2024 से शुरू होगी, वैल्यू चेन को मजबूत करने और टेक्निकल टेक्सटाइल्स को प्रमोट करने के लिए 35% तक कैपिटल सब्सिडी और इंटरेस्ट सब्सिडी जैसे इंसेंटिव्स देती है। 2024-25 में भारत के MMF एक्सपोर्ट में 6.5% की ग्रोथ देखी गई। टेक्निकल टेक्सटाइल्स मार्केट, जो 2020 में $14 बिलियन का था, 2027 तक $23.3 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जो 7.6% के CAGR से बढ़ रहा है। पीएम मित्रा पार्क और नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन जैसी सरकारी पहलों से इस क्षेत्र में बदलाव को सपोर्ट मिल रहा है। अनुमानित इंडिया-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भारत के कपड़ा और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को EU तक पहुंचाने में बड़ा बूस्ट दे सकता है, जिससे व्यापार $7 बिलियन से बढ़कर सालाना $30-40 बिलियन तक पहुंच सकता है।

टेक्सटाइल सेक्टर के सामने चुनौतियाँ

सुरत की मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रेंथ के बावजूद, टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर भारी दबाव है। चीन जैसी देशों से कड़ी ग्लोबल कॉम्पिटिशन प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित करती है। कॉटन जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्लानिंग को डिस्टर्ब करता है। एनवायरनमेंटल कंप्लायंस, जिसमें एफ्लुएंट और वेस्ट मैनेजमेंट के नियम शामिल हैं, के लिए भारी इन्वेस्टमेंट की ज़रूरत होती है, जिससे डाइंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स की प्रोडक्शन कॉस्ट में अनुमानित 6% से 9% की बढ़ोतरी हो जाती है। वर्कफोर्स में लगातार स्किल गैप की वजह से ऑटोमेटेड कॉम्पिटिटर्स की तुलना में उत्पादकता सीमित है। गारमेंट फैक्ट्रियों में हीट स्ट्रेस से भी वर्कर्स की सेहत और आउटपुट पर असर पड़ता है, और कई फैक्ट्रियों में बेसिक सुरक्षा इंतजामों की कमी है। इंडस्ट्री का मैन-मेड फाइबर पर भरोसा एक चुनौती है, क्योंकि मार्केट सस्टेनेबल और रीसाइकल्ड मटीरियल्स की ओर बढ़ रहा है। सुरत के इंडस्ट्रियल फैब्रिक का एक बड़ा हिस्सा बनाने वाली छोटी और मध्यम एंटरप्राइजेज (SMEs) के लिए क्लीनर टेक्नोलॉजी में अपग्रेड करना और कड़े ESG स्टैंडर्ड्स को पूरा करना मुश्किल है, जिससे वे सर्टिफाइड सप्लायर्स को तरजीह देने वाले मार्केट्स से बाहर होने का खतरा उठा रही हैं।

सुरत टेक्सटाइल्स का फ्यूचर आउटलुक

गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी 2024 जैसी पॉलिसियां टेक्निकल टेक्सटाइल्स और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स को सपोर्ट करके इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और कॉम्पिटिटिवनेस को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती हैं। बुलेट ट्रेन और पीएम मित्रा पार्क जैसी परियोजनाओं से इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की उम्मीद है। VGRC की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह न केवल स्केल में, बल्कि एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज और वर्कफोर्स अपस्किलिंग में इन्वेस्टमेंट कैसे आकर्षित करता है। यह सुरत के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बदलते मार्केट कंडीशंस और सस्टेनेबिलिटी की बढ़ती मांगों के बीच ग्लोबल लीडर बने रहने की कुंजी होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.