Unitech International की CoC मीटिंग: अहम फैसले टले, रेज़ोल्यूशन प्रोसेस पर असर की आशंका
2 मार्च 2026 को Unitech International Ltd की 6वीं कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हुई। इस मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसलों को अगली मीटिंग तक के लिए टाल दिया गया। इसमें कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के लिए लीगल काउंसिल की नियुक्ति और स्टैट्यूटरी कंप्लायंस फर्म (statutory compliance firm) के चयन जैसे निर्णय शामिल थे। साथ ही, रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) द्वारा किए गए खर्चों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी समय की कमी के कारण आगे बढ़ा दिया गया।
हालांकि, इस बीच एक सकारात्मक खबर भी आई। कॉरपोरेट डेटर से जुड़े फॉर्म G के एक ऐडेंडम (addendum) को CoC की ओर से 100% वोटिंग के साथ सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई। यह ऐडेंडम रेज़ोल्यूशन प्लान (resolution plan) आमंत्रित करने की प्रक्रिया के लिए अहम है। RP का अपॉइंटमेंट फैसिलिटेशन एग्रीमेंट (AFA) 30 जून 2026 तक वैध है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मीटिंग?
अहम नियुक्तियों और खर्चों के अनुमोदन को टालने से Unitech International के पहले से ही जटिल CIRP में और देरी हो सकती है। इन पोस्टपोनमेंट (postponements) से जरूरी सेवा प्रदाताओं के चयन और रेज़ोल्यूशन प्रक्रिया के प्रबंधन की दक्षता और समय-सीमा प्रभावित हो सकती है, जिससे हितधारकों के लिए अनिश्चितता बढ़ सकती है।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Unitech International Ltd, जो कमोडिटी, मेटल, प्लास्टिक और आयात-निर्यात के कारोबार से जुड़ी एक ट्रेडिंग कंपनी है, फिलहाल CIRP से गुज़र रही है। NCLT (National Company Law Tribunal) के आदेश के तहत 26 जून 2025 को IBC (Insolvency and Bankruptcy Code) के सेक्शन 9 के तहत CIRP शुरू हुआ था। NCLT ने श्री नितिन नारंग को रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) नियुक्त किया था, जिनका कार्यकाल 30 जून 2026 तक है। इससे पहले, इनसॉल्वेंसी की जटिलताओं के कारण कंपनी को तिमाही नतीजे फाइल करने में भी दिक्कतें आई थीं।
अब क्या बदलाव?
- महत्वपूर्ण सेवा प्रदाताओं की नियुक्ति से जुड़े फैसले लंबित हैं, जो CIRP की समय-सीमा को प्रभावित कर सकते हैं।
- फॉर्म G ऐडेंडम की मंजूरी रेज़ोल्यूशन प्लान आमंत्रित करने की प्रक्रिया में प्रगति का संकेत देती है।
- क्रेडिटर्स अगली CoC मीटिंग का इंतजार करेंगे कि इन टले हुए प्रस्तावों पर क्या निर्णय होता है।
- RP मौजूदा AFA की वैधता के तहत कंपनी के संचालन की देखरेख जारी रखेंगे।
जिन जोखिमों पर नज़र रखनी है:
- प्रक्रियात्मक देरी: महत्वपूर्ण प्रस्तावों के स्थगन से CIRP की समय-सीमा में बड़ी देरी हो सकती है।
- वित्तीय संकट: कंपनी गंभीर वित्तीय तनाव में है। शेयरहोल्डर इक्विटी ₹-285.2M (नेगेटिव) है और डेट-टू-इक्विटी रेशियो (debt-to-equity ratio) -97.6% (नेगेटिव) है, जो एक चुनौतीपूर्ण वित्तीय संरचना को दर्शाता है।
- रेज़ोल्यूशन की जटिलता: इनसॉल्वेंसी की जटिलताओं को नेविगेट करने और रेगुलेटरी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कानूनी और कंप्लायंस विशेषज्ञों की नियुक्ति महत्वपूर्ण है।
आगे क्या देखें:
- अगली कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) मीटिंग की तारीख और उसके नतीजे।
- लीगल काउंसिल और स्टैट्यूटरी कंप्लायंस फर्म की नियुक्ति।
- संभावित आवेदकों द्वारा जमा किए गए रेज़ोल्यूशन प्लान की प्रगति और गुणवत्ता।
- कंपनी की ओर से किसी भी अतिरिक्त वित्तीय खुलासे या अनुपालन अपडेट पर नज़र रखें।