नतीजों का तांडव: कंपनी ने कैसे मचाया धमाल?
Uniparts India लिमिटेड ने फाइनेंशियल ईयर 2025 की चौथी तिमाही (Q4 FY25) और पहले नौ महीनों के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में जोरदार ग्रोथ दर्ज की गई है, जिसने मुनाफे को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजे Q4 FY25:
- कंपनी का रेवेन्यू ईयर-ऑन-ईयर (YoY) 43.3% बढ़कर ₹1,836.85 मिलियन पर पहुंच गया।
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में तो जैसे आग लग गई, यह 431.5% की छलांग लगाकर ₹409.27 मिलियन हो गया।
- बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी 514% बढ़कर ₹10.49 दर्ज किया गया।
कंसोलिडेटेड (Consolidated) नतीजे Q4 FY25:
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 35% बढ़कर ₹2,810.03 मिलियन रहा।
- वहीं, कंसोलिडेटेड PAT में 68.3% का इजाफा देखने को मिला और यह ₹322.14 मिलियन पर पहुंच गया।
- कंसोलिडेटेड ईपीएस (EPS) 73.8% बढ़कर ₹7.37 दर्ज हुआ।
नौ महीने (9 Months) के आंकड़े (31 दिसंबर 2025 तक):
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू 22.3% बढ़कर ₹5,215.90 मिलियन रहा।
- स्टैंडअलोन PAT 14.2% बढ़कर ₹947.09 मिलियन दर्ज हुआ।
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 16.9% बढ़कर ₹8,314.78 मिलियन रहा।
- कंसोलिडेटेड PAT 33.6% बढ़कर ₹1,142.74 मिलियन रहा।
शेयरधारकों के लिए खुशखबरी: ₹7 का अंतरिम डिविडेंड
इन बेहतरीन नतीजों के बीच, कंपनी ने अपने शेयरधारकों को भी तोहफा दिया है। Uniparts India ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹7.00 प्रति इक्विटी शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड (Second Interim Dividend) घोषित किया है। यह कदम कंपनी की मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ और शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एक दुखद घटना और बीमा का सहारा
एक चिंताजनक खबर यह भी है कि 27 दिसंबर, 2025 को लुधियाना स्थित एक प्लांट में आग लग गई थी। हालांकि, कंपनी ने आश्वासन दिया है कि इस नुकसान की भरपाई इंश्योरेंस (Insurance) से हो जाएगी और दावा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 'लेबर कोड' (Labour Codes) के प्रभाव ने स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड दोनों आधारों पर प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) पर ₹28.05 मिलियन और ₹14.19 मिलियन का असर डाला है।
भविष्य की राह: गाइडेंस का इंतजार
कंपनी ने अपने भविष्य के प्रदर्शन के बारे में कोई खास फॉरवर्ड-लुकिंग मैनेजमेंट गाइडेंस (Forward-looking Management Guidance) जारी नहीं किया है। ऐसे में, निवेशक भविष्य की संभावनाओं को मौजूदा ट्रेंड्स और कंपनी की रणनीतियों के आधार पर ही आंकलन करेंगे।
